पतंगबाजी बनी रेल्वे के लिए चुनौती, रेलवे की ट्रैक और ओवरहेड विद्युत तारों से दूरी बनाए रखने की अपील

रेलवे ट्रैक के आसपास पतंग उड़ाना केवल स्वयं के लिए ही नहीं, बल्कि रेल परिचालन एवं यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी जोखिम उत्पन्न करता है।
Railway's safety campaign

Kite Festival

पतंग उड़ाने के मौसम को देखते हुए भोपाल रेल मंडल द्वारा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विशेष जन-सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से लोगों को रेलवे ट्रैक, पुलों एवं ओवरहेड विद्युत तारों के समीप पतंग उड़ाने से होने वाले गंभीर खतरों के प्रति सतर्क किया जा रहा है।

रेल्वे की अपील 

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने बताया कि रेलवे लाइनों के ऊपर लगी ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन में लगभग 25,000 वोल्ट का उच्च वोल्टेज प्रवाहित होता रहता है। पतंग की डोर यदि इन तारों के संपर्क में आ जाए तो करंट सीधे व्यक्ति तक पहुँच सकता है, जिससे गंभीर अथवा जानलेवा दुर्घटनाएँ घटित होने की आशंका रहती है। भोपाल मंडल द्वारा जन-सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जागरूकता संदेशों एवं प्रचार माध्यमों के जरिए यह जानकारी आमजन तक पहुँचाई जा रही है कि रेलवे ट्रैक के आसपास पतंग उड़ाना केवल स्वयं के लिए ही नहीं, बल्कि रेल परिचालन एवं यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी जोखिम उत्पन्न करता है।

रेल्वे का अभियान 

रेलवे प्रशासन ने विशेष रूप से बच्चों एवं उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को खुले एवं सुरक्षित स्थानों पर ही पतंग उड़ाने के लिए प्रेरित करें तथा रेलवे लाइनों, पुलों एवं ओवरहेड तारों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह जागरूकता अभियान किसी उत्सव या परंपरा पर रोक लगाने के लिए नहीं, बल्कि आमजन के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।

Sushma Bhardwaj
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