राज्यसभा चुनाव पर फिलहाल ब्रेक, मप्र में तीन सीटों पर होना है इलेक्शन

राज्यसभा चुनाव पर फिलहाल ब्रेक, मप्र में तीन सीटों पर होना है इलेक्शन

भोपाल| मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर बीते दिनों जमकर सियासी उठापठक देखने को मिली थी| लेकिन कोरोना संकट के चलते अब चुनावी रंग फीका पड़ गया है| राज्यसभा सीटों का कार्यकाल खत्म होने के बावजूद खाली सीटों के लिए चुनाव नहीं कराए जाएंगे| चुनाव आयोग की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, अब चुनाव की तारीखों का ऐलान कोरोना का कहर खत्म होने के बाद ही किया जाएगा। मध्य प्रदेश में भी तीन राज्यसभा सीटों पर चुनाव होने हैं| फिलहाल चुनाव पर ब्रेक लग गया है|

नोटिफिकेशन में चुनाव आयोग ने साफ किया है कि चुनाव के लिए उम्मीदवारों की जो सूची जारी की जा चुकी है वो यथावत रहेगी| चुनाव आयोग की तरफ से कहा गया है कि इन चुनावों के लिए मतदान और मतगणना की नई तारीखों का ऐलान मौजूदा स्थिति की समीक्षा करने के बाद किया जाएगा| राज्यसभा में 17 राज्यों की 55 सीटों में से 37 सदस्यों को निर्विरोध चुन लिया गया था, उसके बाद 7 राज्यों की 18 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है| मध्य प्रदेश में भी राज्यसभा की सीटों के लिए 26 मार्च को मतदान होना था लेकिन कोरोना के चलते ये चुनाव नहीं हो सका|

मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटें खाली हो रही हैं| कांग्रेस की ओर से दिग्विजय सिंह जबकि बीजेपी की ओर से प्रभात झा और सत्यनारायण जटिया का कार्यकाल शामिल है| इस बार बीजेपी से ज्योतिरादित्य सिंधिया और सुमेर सिंह सोलंकी तो कांग्रेस से दिग्विजय सिंह और फूल सिंह बरैया मैदान में हैं| प्रदेश में पिछले दिनों हुए सियासी घटनाक्रम और सत्ता पलट के बाद राज्यसभा का चुनाव रोमांचक होगा, आने वाले समय में इसको लेकर उठापठक देखने को मिलेगी|

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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