राहत: मजदूरों को वापस लाने का किराया भी देगी शिवराज सरकार

राहत: मजदूरों को वापस लाने का किराया भी देगी शिवराज सरकार

भोपाल| दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों को मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) वापस लाया जा रहा है| बसों और स्पेशल ट्रैन के माध्यम से मजदूरों की घर वापसी हो रही है| इस बीच सरकार (Government) ने बड़ा फैसला करते हुए किराया भी देने का एलान किया है| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) ने ट्वीट कर यह जानकारी दी| इससे पहले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamalnath) ने इस मामले में ट्वीट कर सरकार पर निशाना साधा था|

मुख्यमंत्री शिवराज ने रविवार को ट्वीट कर लिखा “संकट की इस घड़ी में मेरे श्रमिक बहन-भाई जरा भी चिंता न करें। मैं आपके साथ पूरी ताकत के साथ खड़ा हूं। विभिन्न राज्यों से स्पेशल ट्रेन से आपको वापस लाने के लिए हम केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय के साथ मिलकर प्रयास कर रहे हैं। आपका किराया भी प्रदेश सरकार वहन करेगी”।

घर वापसी का किराया वसूलाना बेहद शर्मनाक
कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा था “कोरोना महामारी के लॉकडाउन के चलते मज़दूर का पहले ही रोज़गार छीन चुका है , उसके पास खाने को राशन तक नहीं है , ऐसे संकट के दौर में उससे घर वापसी का किराया वसूला जाना बेहद शर्मनाक है। सरकार इस मामले में संज्ञान ले’कर तत्काल किराया वसूली पर रोक लगाये , प्रदेश के वापस घर आ रहे मज़दूर भाइयों के किराये की राशि का खर्च सरकार ख़ुद वहन करे।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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