महंगाई भत्ते को लेकर कर्मचारियों में आक्रोश, इस महिने इतना होगा नुकसान

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भोपाल।
कोरोना संकट काल के बीच शिवराज सरकार ने कर्मचारियों के पांच प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने के आदेश को स्थगित कर दिया है। जिसके चलते प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को बड़ा झटका लगा है।जहां विपक्ष इस फैसले को पलटने को लेकर विरोध कर रहा है वही कर्मचारी संगठनों में भी आक्रोश है।कर्मचारियों ने इस फैसला को ले वापस लेने की मांग की है।कर्मचारियों का कहना है कि कोरोना के कारण दिन भर हाथ धो रहे कर्मचारियों को अब महंगाई भत्ते से भी हाथ धोना पड़ा।इस महीने वेतन में लगभग 200 करोड रुपए सरकार के बच जाएंगे।

मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रदेश सचिव उमाशंकर तिवारी का कहना है कि सरकार द्वारा जुलाई 2019 से 5% महंगाई भत्ते में वृद्धि करने के साथ जुलाई 2019 से एरियर के आदेश अलग से देने की बात की गई थी इससे भी लगभग 1400 करोड रुपए महंगाई भत्ते के मिलेंगे या नहीं यह भ्रम की स्थिति बनी थी वहीं 1 अप्रैल 20 को जारी आदेश द्वारा 5% महंगाई भत्ता स्थगित करने से कर्मचारी जगत में घोर असंतोष व्याप्त हो गया है। प्रदेश का हर कर्मचारी कोरोना की लड़ाई में सरकार को अपने वेतन से राशि देने के लिए सहमति जता रहा था, वहीं सरकार द्वारा इस प्रकार आदेश वापस लेने से कर्मचारियों में भारी निराशा उत्पन्न हो गई है सरकार को अपना फैसला वापस लेना चाहिए।

बता दे कि कोरोना वायरस और खजाना खाने होने के चलते प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर पड़े असर को देखते हुए सरकार कोई भी अतिरिक्त खर्च उठाने की स्थिति में नहीं है। इसके मद्देनजर शिवराज सरकार ने पांच प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाकर देने के फैसले पर रोक लगा दी है। मार्च के वेतन से महंगाई भत्ता देने का फैसला कमल नाथ सरकार ने 16 मार्च को लिया था।जिसके चलते विपक्ष और कर्मचारियों में शिवराज सरकार के प्रति गुस्सा व्याप्त हो गया है।

5% महंगाई भत्ता स्थगित करने से इस माह कर्मचारी को होगा यह नुकसान
-प्रथम श्रेणी अधिकारी को ₹ 3365 से 6155.
-द्वितीय श्रेणी अधिकारी को ₹2385से 2805.
-तृतीय श्रेणी कर्मचारी को ₹975से 1810.
-चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को ₹775 से 900.

Gaurav Sharma
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