वरिष्ठ कांग्रेस नेता का पार्टी से इस्तीफा, वैचारिक मतभेद को बताया कारण

वरिष्ठ कांग्रेस नेता का पार्टी से इस्तीफा, वैचारिक मतभेद को बताया कारण

भोपाल। मप्र में 24 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले राजनीतिक दलों में बयानबाजी के साथ ही इस्तीफों का दौर भी जारी हैं। इसी कड़ी में शनिवार को वरिष्ठ कांग्रेस नेता धीरज पटेरिया ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को भेज दिया है। इस्तीफा देने के पीछे कारण उन्होंने पार्टी से वैचारिक मतभेद को बताया है। इससे पहले धीरज पटेरिया 2018 विधानसभा चुनाव से भाजपा से इस्तीफा देकर कांग्रेस में शामिल हुए थे।

वरिष्ठ नेता धीरज पटेरिया ने शनिवार को पत्रकारों को इस्तीफे की जानकारी देते हुए बताया कि अब कांग्रेस में काम करने का नहीं बन पाया है। वैचारिक अंतद्र्वंद्व की वजह से इस्तीफा दिया है। आगे की रणनीति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि फिलहाल में किसी पार्टी को ज्वाइन नहीं करुंगा। मेरे कुछ साथी, अब उनके पास जाना चाहता हूं, उनके साथ ग्रुप डिस्कशन करूंगा। उसके बाद आगे क्या करना है इस पर फैसला लूंगा। तब तक तरुण शक्ति नामक सामाजिक संस्था के माध्यम से जनसेवा का कार्य किया जाएगा। बताते चले कि बता दें कि धीरज पटेरिया बीजेपी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। धीरज पटेरिया जबलपुर में पूर्व मंत्री शरद जैन के खिलाफ चुनाव लड़ चुके है। उन्होंने 5 नवंबर 2018 को बीजेपी से इस्तीफा दिया था और उसके बाद कांग्रेस में शामिल हो गए थे।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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