मोदी के बयान के बाद कांग्रेस भाजपा में छिड़ी जंग

मोदी के बयान के बाद कांग्रेस भाजपा में छिड़ी जंग

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संसद में गुरुवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद के समय बोलते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के ऊपर किए गए सिख दंगों मे  संलिप्तता के बयान पर मध्य प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है ।सरकार के जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने आनन-फानन में बुलाई प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस बयान को पूरी तरह असत्य बताया और कहा कि 1984 के बाद सिख दंगों की जांच के लिए बने दो आयोग, सात कमेटियां और दोएसआईटी साफ कर चुकी है कि कमलनाथ का इस मामले से दूर-दूर तक लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि दरअसल मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा मध्यप्रदेश में जिस तेजी के साथ विकास कार्य किए जा रहे हैं उनकी लोकप्रियता से बीजेपी बौखला गई है और इस तरह की बयानबाजी हो रही है। वहीं दूसरी ओर देश के गृहमंत्री अमित शाह के ऊपर वार करते हुए पीसी शर्मा ने कहा कि वे किस तरह से आपराधिक प्रवृत्ति के हैं ,पूरा देश जानता है।

पीसी शर्मा के इस बयान के बाद भाजपा के कद्दावर नेता और विधायक नरोत्तम मिश्रा ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस ने जस्टिस ढींगरा की रिपोर्ट का अध्ययन नहीं किया है जिसमें अब तक सिख दंगों में जो लोग नहीं पहचाने गए थे, उन्हें पहचाना गया है और कई आरोपियों को बेनकाब किया गया है। कांग्रेस को मोदी के बयान को असत्य कहने के पहले इस रिपोर्ट का अध्ययन जरूर करना चाहिए था। वहीं गृह मंत्री अमित शाह का बचाव करते हुए नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि शाह तत्कालीन केंद्र में सत्तारूढ़ कांग्रेस की सरकार के षड्यंत्र का शिकार हुए थे और अब दूध का दूध और पानी का पानी हो चुका है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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