एक और कांग्रेस विधायक के विवादित बयान पर बवाल, भाजपा नेत्री ने की कार्रवाई की मांग

एक और कांग्रेस विधायक के विवादित बयान पर बवाल, भाजपा नेत्री ने की कार्रवाई की मांग

भोपाल| मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में विवादित बयानों को लेकर सियासत गरमाई हुई है| कांग्रेस नेता व पूर्व मंत्री जीतू पटवारी के विवादित ट्वीट का मामला अभी थमा भी नहीं था कि एक और कांग्रेस नेता के विवादित बयान ने नया बखेड़ा कर दिया है| विदिशा से कांग्रेस विधायक शशांक भार्गव (Shashank Bhargav) मीडिया में इशारो ही इशारों में आपत्तिजनक टिप्पणी कर बैठे| भाजपा ने इस पर आपत्ति जताते हुए इसे महिलाओं का अपमान बताया है|

भाजपा नेत्री नेहा बग्गा (BJP leader Neha Bagga) ने कांग्रेस विधायक शशांक भार्गव का वीडियो शेयर कर विवादित बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है| उन्होंने ट्वीट कर लिखा ‘कांग्रेस विधायकों में महिलाओं के अपमान की होड़ लगी। पहले जीतू पटवारी और अब शशांक भार्गव के बयान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि महिलाओं के प्रति इनकी सोच क्या है। तंदूर कांड को अंजाम देने वाले नारी को मंदी बताते है, टुकड़े करते है ,और लगातार अपनी विकृत मानसिकता का परिचय देते है’। बीजेपी नेत्री ने विधायक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है|

डीजल-पेट्रोल के बढ़ते दामों के विरोध में विधायक सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे थे| इस दौरान नाम लिए बिना महिला केंद्रीय मंत्री पर निशाना साधते हुए विवादित टिप्पणी कर दी| हाल ही में पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ‘पुत्र के चक्कर में 5 पुत्री पैदा हो गई’ वाले ट्वीट को लेकर बुरी तरह घिर गए| विवाद के बाद उन्हें सफाई देनी पड़ी, वहीं बाल संरक्षण आयोग ने उनसे अपने ट्वीट को लेकर जवाब मांगा है|

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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