पडोसी के पुलिस बुलाने पर दिया सैंपल, निकला कोरोना पॉजिटिव, संपर्क में आये लोग क्वारंटाइन

पडोसी के पुलिस बुलाने पर दिया सैंपल, निकला कोरोना पॉजिटिव, संपर्क में आये लोग क्वारंटाइन

भोपाल।

प्रदेश में लगातार बढ़ रहे कोरोना मामले के बीच प्रशासन की लाख समझाइश देने के बाद भी लोग सुधर नहीं रहे हैं। प्रशासन के लाख समझाइश देने के बाद भी लोग अपने बीमार होने की जानकारी साँझा नहीं कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है। जहाँ मरीज को तेज़ बुखार की शिकायत के बाद पड़ोसियों ने पुलिस को सुचना दी। जिसके बाद मरीज के सैंपल जांच के लिए भेजे गए। आज उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद पूरी कॉलोनी में दहशत का माहौल है।

दरअसल मामला राजधानी का है जहाँ शुक्रवार को एक संदिग्ध की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। पिछले दिन ये शख्स पॉजिटिव पाए गए संक्रमित मरीज के साथ मिलजुल रहे थे। इसके चलते 10 दिन से इन्हें बुखार आ रहा था। बावजूद इसके इन्होंने अपना सैंपल नहीं दिया। आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। तब जाकर इनका सैंपल लिया गया और इनकी रिपोर्ट शुक्रवार को पॉजिटिव आई है।जिसके बाद पॉजिटिव पाए गए मरीज के संपर्क में आने वालों को क्वारंटाइन सेंटर में भर्ती किया जा रहा है। वहीँ इलाके को पूरी तरह से सील कर दिया गया है।

इधर, पॉजिटिव आए मरीजों से बात करने पर पता चला कि वे अपना इलाज कराने अस्पताल गए थे। जहां से उन्हें कोरोना का संक्रमण लग गया। इसके बाद इनके संपर्क में आने वाले लोग भी संक्रमित हो गए। बता दें कि वर्तमान में 3 क्वारंटाइन सेंटर में 2238 लोगों को क्वारंटाइन किया गया है। वहीँ मैनिट को क्वारंटाइन और कोविड केयर सेंटर बनाने के बाद अब अन्य प्राइवेट कॉलेजों की बिल्डिंग को क्वारंटाइन सेंटर बनाने पर विचार चल रहा है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews