सांची उपचुनाव: चौधरी वर्सेस चौधरी, बदलते समीकरण लेकिन जीतेगा तो चौधरी ही

सांची उपचुनाव: चौधरी वर्सेस चौधरी, बदलते समीकरण लेकिन जीतेगा तो चौधरी ही

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश में आने बाले समय में 27 सीटों पर उपचुनाव होने हैं, उसी में से एक सीट है रायसेन जिले की सांची जिसमें फिलहाल बीजेपी प्रत्याशी माने जा रहे हैं कांग्रेस से बीजेपी में आए सिंधिया समर्थक एवं प्रदेश सरकार में स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी। ये 15 महीने की पूर्व कमलनाथ सरकार में शिक्षा मंत्री रहे थे।

अब उपचुनाव को लेकर बीजेपी कांग्रेस जोर आजमाइश में लगी हुई है। अभी तक चुनाव का ऐलान तो नहीं हुआ है लेकिन प्रदेश काग्रेस ने होने वाली 27 सीटों पर उपचुनाव में से 15 सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है, जिसमें सांची सीट पर कांग्रेस ने एक ऐसा नाम उतारा है जो चर्चा में है। सांची सीट पर मदन लाल चौधरी को कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी बनाया है। मदनलाल ग्राम हरदोट गैरतगंज निवासी एवं दो बार से जिला पंचायत सदस्य चुने गए हैं।

जिस सांची सीट पर कभी बीजेपी-कांग्रेस की तरफ से दो दिग्गज नेताओं का आमना-सामना हुआ करता था, उनमें बीजेपी से पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ गौरीशंकर शेजवार और कांग्रेस से प्रभुराम चौधरी। लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित उनके समर्थक प्रभुराम चौधरी के बीजेपी में जाने के बाद समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। अब उपचुनाव में जहां बीजेपी से प्रभुराम चौधरी का नाम लगभग तय माना जा रहा है, तो वहीं कांग्रेस ने अपना पत्ता मदन चौधरी के नाम पर खोल दिया है। मदन चौधरी को जातिगत वोट के आधार पर उम्मीदवार बनाना माना जा रहा है। वैसे तो सांची सीट पर दर्जन भर से ज्यादा उम्मीदवार कांग्रेस की तरफ से आस लगाए बैठे थे उनमें संदीप मालवीय, प्रभात चावला, रुपेश तंतबार सहित अन्य नाम शामिल थे लेकिन उम्मीदवार मदन चौधरी को बनाया गया है। फिलहाल आने वाले उपचुनाव में दो चौधरी के बीच में मुकाबला रहेगा और जिसमें से जीतेगा तो चौधरी ही।

प्रभुराम चौधरी के पार्टी बदलने से साँची में दो गुटों में बंटी हुई दिख रही बीजेपी

ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित उनके 22 समर्थकों ने कांग्रेस छोड़ बीजेपी का दामन थामा था उसमें से ही एक थे सांची से प्रभुराम चौधरी। माना जा रहा है चौधरी के बीजेपी में शामिल होने से सांची में भाजपा दो गुटों में बट चुकी है। एक गुट डॉ गौरीशंकर शेजवार समर्थकों का तो वहीं दूसरा प्रभुराम चौधरी समर्थकों का। पिछले महीनों में ऐसा भी देखने को मिला है जब भाजपा के होर्डिंग बैनर में से प्रभुराम चौधरी गायब रहे थे, तो वही भाजपा नेता मुदित शेजवार के सोशल मीडिया पर किए गए ट्वीट भी चर्चाओं में रहे थे।

साँची सीट से 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा से पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ गौरीशंकर शेजवार के बेटे मुदित शेजवार प्रत्याशी रहे थे। वहीं कांग्रेस से प्रभुराम चौधरी उस चुनावी रणभूमि में चौधरी ने युवा नेता मुदित शेजवार को पटकनी देते हुए जीत हासिल की थी, जिसके बाद उन्हें प्रदेश की पूर्व कमलनाथ सरकार में शिक्षा मंत्री बनाया गया था। बरहाल अब उपचुनाव में अगर प्रभुराम चौधरी फिर एक बार चुनाव जीतते हैं तो पूर्व कैबिनेट मंत्री शेजवार के बेटे मुदित शेजवार का राजनीतिक भविष्य थोड़ा संकटमय देखा जा सकता है। वहीं दूसरी और अगर प्रभुराम चौधरी चुनाव हारे तो मुदित शेजवार को राजनीतिक भविष्य में थोड़ी उम्मीद जागती हुई दिखाई दे सकती हैं। अब आगे देखना यह होगा कि उपचुनाव सांची में दो गुटों में बंटी बीजेपी किस कदर दिखाई देती है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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