मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में संकल्प से समाधान अभियान की समीक्षा की , उन्होंने संभाग आयुक्तों को निर्देश दिए कि संकल्प से समाधान अभियान जनसामान्य को कल्याणकारी हितग्राही मूलक योजनाओं का सुगमता से लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आरंभ किया गया है। अभियान के अंतर्गत समय-सीमा में पारदर्शी तरीके से गतिविधियां सुनिश्चित की जाएं। किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बरदार्शत नहीं किया जाएगा, दोषियों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान के अंतर्गत योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर विशेष ध्यान दिया जाए। हमारा प्रयास है कि सभी हितग्राहियों को योजनाओं की आवश्यक जानकारी हो। संभागीय अधिकारी जिला, विकासखण्ड और ग्राम स्तर तक भ्रमण कर अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य परीक्षण, स्वच्छता तथा शिक्षा के लिए प्रेरित करने पर केंद्रित गतिविधियां भी संचालित की जाएं। संकल्प से समाधान अभियान के क्रियान्वयन में सामाजिक और स्वयं सेवी संस्थाओं का भी सहयोग लिया जाए।
12 जनवरी युवा दिवस पर शुरू हुआ अभियान
बता दें संकल्प से समाधान से अभियान की शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने 12 जनवरी युवा दिवस पर की है ये 31 मार्च तक चलेगा, स्वामी विवेकानंद की जयंती से शुरू हुआ ये अभियान ग्राम पंचायत, नगरीय निकाय एवं जिला स्तर पर पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के लिये 4 चरणों में चलाया जा रहा है ।
15 फरवरी तक अभियान का प्रथम चरण
संकल्प एवं समाधान अभियान का प्रथम चरण 12 जनवरी से 15 फरवरी, 2026 तक चलेगा। इसमें आवेदन प्राप्त करने की कार्यवाही की जावेगी। प्रत्येक ग्राम पंचायत/नगरीय निकायों के वार्ड में नगरीय वार्ड स्तरीय समिति बनाना होगी जिसमें ग्राम/नगरीय वार्ड स्तर के अधिकारी/कर्मचारी शामिल रहेंगे। पंचायत/नगरीय वार्ड स्तर पर आवेदन/शिकायतों के एकत्रीकरण के लिए दल गठित किया जाएगा, जिसका एक नोडल अधिकारी होगा। यह दल शासन की विभिन्न योजनाओं/सेवाओं से संबंधित आवेदन व शिकायतों को शिविर लगाकर या घर-घर जाकर एकत्रित करेगा। नोडल अधिकारी का यह दायित्व होगा कि वह अपने लॉगिन से सभी आवेदनों को पोर्टल पर दर्ज करे। पोर्टल पर दर्ज करने के बाद सभी आवेदनों को क्लस्टर/जोन लेवल के अधिकारी के पास जमा किया जाएगा। क्लस्टर/जोन लेवल अधिकारी आवेदनों को विभागवार संबंधित अधिकारियों को निराकरण के लिये प्रेषित कर निराकरण की स्थिति प्राप्त करेगा । अभियान के प्रारंभिक चरण में प्राप्त आवेदन पत्रों की समीक्षा जिलेवार कलेक्टर एवं कमिश्नर की वीडियो कांफ्रेंसिंग से समय-समय पर की जाएगी।
16 फरवरी, 2026 से प्रारंभ होकर 16 मार्च तक दूसरा चरण
अभियान का दूसरा चरण 16 फरवरी, 2026 से 16 मार्च, 2026 तक चलेगा। अभियान के द्वितीय चरण में ग्रामीण क्षेत्रों में क्लस्टर लेवल पर एवं नगरीय क्षेत्रों में नगर जोन स्तर पर नोडल अधिकारी के रूप में तहसीलदार/नायब तहसीलदार/मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत/मुख्य नगर पालिका अधिकारी /विकासखंड शिक्षा अधिकारी/जोनल अधिकारी अथवा समकक्ष अधिकारी रहेंगे।द्वितीय चरण में प्रथम चरण में प्राप्त आवेदन के साथ शेष आवेदन पत्रों के निराकरण के लिये शिविर लगाए जाएंगे। क्लस्टर में पंचायतों की संख्या का निर्धारिण संबंधित जिला कलेक्टर द्वारा जिले में स्थित पंचायतों की संख्या के हिसाब से आवश्यकतानुसार 15 से 30 ग्राम पंचायतों का समूह में निर्धारित किया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में छोटी नगरपालिका, नगर पंचायत स्तर पर एक शिविर व नगर निगम स्तर वार्डों की संख्या के अनुपात में क्लस्टर/जोन तैयार किया जाए। क्लस्टर/जोन लेवल पर शिविर लगाने के लिये समय सारिणी जिले द्वारा तैयार किये जाएंगे। टीम द्वारा प्राप्त आवेदन/शिकायतों का निराकरण क्लस्टर/जोन लेवल पर आयोजित शिविर में संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा किया जाएगा। आवेदनों का निराकरण पोर्टल पर क्लस्टर/जोन लेवल के नोडल अधिकारी द्वारा दर्ज किया जाएगा।
26 मार्च तक चलेगा अभियान का तीसरा चरण
अभियान का तीसरा चरण दिनांक 16 मार्च, 2026 से 26 मार्च, 2026 तक चलेगा। इस चरण में विकासखण्ड स्तर पर नोडल अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व/तहसीलदार मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत/अपर आयुक्त नगर निगम, मुख्य नगर पालिका अधिकारी रहेंगे। इस चरण में ब्लॉक नगर स्तर पर शिविर आयोजित किए आएंगे, जिसमें क्लस्टर, जोन लेवल पर अनिराकृत आवेदन व शिकायतों/नवीन प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया जाएगा। विकासखण्ड मुख्यालयों में जहाँ नगर पंचायत या नगर पालिका स्थित है, उनमें सम्मिलित रूप से विकासखण्ड मुख्यालय स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में किए गए निराकरणों को ब्लॉक लेवल नोडल अधिकारी द्वारा विहित पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। बड़े शहरों यथा नगर निगमों एवं नगर पालिकाओं में जनसंख्या के अनुसार क्लस्टर/जोन का निर्धारण किया जाएगा।
चतुर्थ और अंतिम चरण 26 से 31 मार्च तक
अभियान का चतुर्थ यानि अंतिम चरण 26 मार्च से 31 मार्च, 2026 तक चलेगा। इसमें जिला स्तर पर शिविर आयोजित कर समस्त अनिराकृत शेष आवेदन व शिकायती आवेदनों के साथ नवीन प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया जाएगा। अध्यक्षता जिले के प्रभारी मंत्री द्वारा की जाएगी। प्रभारी मंत्री द्वारा हितग्राहियों/लाभार्थियों को जिला स्तरीय समारोहों में सम्मान पूर्वक हितलाभ वितरण किया जायेगा। अभियान के सभी चरणों में आयोजित सभी शिविरों में कलेक्टर/मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत/आयुक्त नगर निगम अपर कलेक्टर तथा सभी विभागों के संबंधित जिला अधिकारी उपस्थित रहेंगे। शिविरों की संख्या एवं स्थान का निर्धारण जिला स्तर पर किया जाएगा। प्रत्येक विकासखण्ड में कम से कम 3 नगर परिषद् में 01, नगर पालिका में 2 से 5 एवं नगर निगमी 5 से 10 शिविर आयोजित हो ।





