स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार का बड़ा फैसला, बदलेगी सरकारी स्कूलों की रंगत

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। कोरोना संकटकाल (Corona crisis) के चलते भले ही अभी स्कूल खोलने को लेकर कोई बड़ा फैसला नही लिया गया है लेकिन इसके पहले स्कूल शिक्षा विभाग ने एक और बड़ा फैसला लिया है, जिसके तहत आने वाले समय में सरकारी स्कूलों की रंगत बदल जाएगी। सभी EFF स्कूलों में “स्मार्ट क्लॉस-रूम क्लिकर सॉल्यूशन लागू किया जाएगा ।

दरअसल, सोमवार को स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) इंदर सिंह परमार की अध्यक्षता में हुई मप्र राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड (MP State Board of Open School Education) की कार्यकारिणी की 43वीं बैठक में फैसला लिया गया कि मध्य प्रदेश के प्रत्येक जिला मुख्यालय पर एक स्कूल को EFA SCHOOL के रूप में डिवेलप किया जाएगा। स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) इंदर सिंह परमार (Minister of State for School Education Inder Singh Parmar) ने बताया कि प्रदेश के सभी 52 जिला मुख्यालयों में स्थित शासकीय विद्यालयों को ईएफए (Education for all) स्कूल के रूप में विकसित करने पर सहमति दी गई। इनका संचालन म.प्र. राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा किया जायेगा। वही उन्होंने बताया कि ईएफए स्कूलों (EFA Schools) के विद्यार्थियों के मूल्यांकन के लिये कम्प्यूटर आधारित ‘स्मार्ट क्लॉस-रूम क्लिकर” (‘Smart claus-room clicker’) सॉल्यूशन सिस्टम लागू किये जाने पर सैद्धांतिक सहमति प्रदान दी गई।

इसके अलावा बैठक में म.प्र. राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा आगामी शैक्षणिक सत्र से डी.पी.एड., कौशल विकास से संबंधित सर्टिफिकेशन कोर्स, प्रत्येक जिले में विद्यालयों के लिये वाद्य यंत्रों की व्यवस्था, जिलों के संकलन केन्द्रों पर कम्प्यूटर लैब्स की स्थापना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।

अनुसूचित-जाति वर्ग की 47 हजार से अधिक कन्याओं को प्रोत्साहन राशि
प्रदेश में आदिवासी बस्ती के विकास के लिये इस वर्ष आदिम-जाति कल्याण विभाग (Tribal Welfare Department) द्वारा 74 लाख रुपये की राशि आवंटित की गई है। आवंटित राशि से सामुदायिक भवन, सी.सी. रोड का निर्माण कराया जायेगा। यह राशि धार और रायसेन जिले में आदिवासी बस्ती विकास के लिये आवंटित की गई है। बता दे कि अनुसूचित-जाति कल्याण विभाग द्वारा योजना में कक्षा-11वीं में प्रवेश लेने पर छात्रा को 3 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि उपलब्ध करवाई जाती है। पिछले वर्ष विभाग द्वारा योजना पर 14 करोड़ 26 लाख रुपये खर्च किये गये। इसके साथ ही विभाग द्वारा अनुसूचित-जाति वर्ग की ऐसी बालिका को, जिसे कक्षा-11 में पढ़ाई करने के लिये अपने गाँव से अन्य स्थान पर जाना पड़ता है, उन्हें नि:शुल्क साइकिल उपलब्ध कराई जा रही है। पिछले वर्ष अनुसूचित-जाति वर्ग की 455 छात्राओं को नि:शुल्क साइकिल उपलब्ध कराई गई। विभाग द्वारा इस वर्ष इन योजनाओं के लिये 14 करोड़ 10 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।

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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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