छिंदवाड़ा में जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मौत: कमलनाथ ने की शुद्धता जाँच अभियान चलाने की मांग, उमंग सिंघार ने कहा “सरकार प्रभावित परिवारों के लिए करे मदद की घोषणा”

इस दर्दनाक घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। कफ सिरप पीने से सात मासूमों की जान चली गई और जांच में जहरीला औद्योगिक केमिकल मिलने की पुष्टि हुई है। इस मामले पर विपक्ष लगातार सरकार से सवाल कर रहा है और अब कमलनाथ ने सरकार से मांग की है दवाओं के साथ अन्य सभी खाद्य पदार्थों की शुद्धता की जाँच के लिए अभियान चलाया जाए।
Kamal Nath

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छिंदवाड़ा जिले में कफ सिरप पीने से सात बच्चों की मृत्यु हो चुकी है। इस घटना से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप है  वहीं कांग्रेस भी लगातार इस मुद्दे पर प्रदेश सरकार को घेर रही है। कमलनाथ ने कहा है कि जानकारी मिली है कि कफ़ सिरप में ब्रेक ऑयल का सोलवेंट मिलाया जा रहा था जिससे मासूमों की जान गई। उन्होंने सरकार से मांग की है कि प्रदेश में बिक रही सभी तरह की दवाओं पर सख्त निगरानी रखी जाए साथ ही खाने पीने के सभी सामानों की शुद्धता को सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।

वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि बीजेपी को इस हादसे की खबर है भी या नहीं। इसी के साथ उन्होंने सरकार से मांग की है कि प्रभावित परिवारों की मदद की घोषणा करे जिन्होंने इस लापरवाही की वजह से अपने बच्चों को खोया है।

जहरीले कफ सिरप ने ली बच्चों की जान

छिंदवाड़ा की दुखद घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। विषाक्त कफ सिरप के सेवन से अब तक सात बच्चों की मृत्यु हो चुकी है। इस घटना ने न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं, बल्कि प्रशासन की लापरवाही को भी उजागर किया है। जांच में सामने आया है कि कफ सिरप में डायएथिलीन ग्लाइकॉल नामक एक औद्योगिक सॉल्वेंट मिलाया गया था जो पेंट, वार्निश और ब्रेक फ्लुइड जैसे औद्योगिक उत्पादों में उपयोग होता है। यह अत्यंत जहरीला पदार्थ है और कहा जा रहा है कि इसके सेवन के बाद बच्चों की किडनी फेल होने से उनकी मृत्यु हुई।

कमलनाथ ने की शुद्धता जांच अभियान चलाने की मांग

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए सरकार को सवालों के घेरे में लिया है। उन्होंने कहा कि “यह झकझोर देने वाली जानकारी है कि कफ सिरप में ब्रेक ऑयल का सॉल्वेंट मिलाया जा रहा है। बच्चों की दवा में इस तरह की मिलावट खुलेआम हो रही है और समय रहते इस पर कोई अंकुश नहीं लगाया गया। यह दर्शाता है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था और प्रशासन नाम की कोई चीज नहीं है।” उन्होंने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में शुरू किए गए ‘शुद्ध के लिए युद्ध’ अभियान का जिक्र करते हुए सरकार से मांग की कि सभी दवाओं और खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।

उमंग सिंघार ने कहा ‘प्रभावित परिवारों की मदद करे सरकार’

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी इस घटना को लेकर सरकार को घेरा है। उन्होंने बीजेपी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “मोहन यादव सरकार को इस हादसे की खबर भी है या नहीं?” उन्होंने कहा कि ऐसे मिलावटी सिरप से पहले इंडोनेशिया और गाम्बिया जैसे देशों में भी बच्चों की मौतें हो चुकी हैं। कांग्रेस नेता ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि वो प्रभावित परिवारों के लिए मदद की घोषणा करे।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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