शारिक मछली पर कार्रवाई की प्रियंक कानूनगो ने की सराहना, कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने की ‘मगरमच्छों’ पर भी बुलडोज़र चलाने की मांग

इस आरोपी के घर पर कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस ने बताया कि कोठी का इस्तेमाल ड्रग्स की सप्लाई और अवैध गतिविधियों के अड्डे के रूप में किया जा रहा था।
Sharik Machhli

भोपाल में ड्रग तस्करी, लव जिहाद, रेप और ब्लैकमेलिंग जैसे गंभीर आरोपों में फंसे शारिक मछली के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई की कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने सराहना की है। हालांकि उन्होंने तंज करते हुए ये भी मांग की कि ‘अब उन मगरमच्छों पर भी बुलडोज़र चले जो वर्षों से इन मछलियों को पालते और उनके टुकड़ों पर पलते आए हैं।’

वहीं,  राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार जताया है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस घर के साथ बने अवैध मदरसे को भी ध्वस्त किया जाए।

शारिक मछली के घर पर चला बुलडोज़र

गुरुवार को राजधानी के कोकता हथाईखेड़ा क्षेत्र में शारिक मछली परिवार की आलीशान तीन मंजिला कोठी को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। इस कोठी की अनुमानित कीमत 25 करोड़ रुपये थी जो सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाई गई थी। इस कार्रवाई से पहले 30 जुलाई को भी प्रशासन ने मछली परिवार की 100 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियों..जिसमें फार्महाउस, वेयरहाउस, और मदरसा शामिल थे, को जमींदोज किया था।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य ने की कार्रवाई की सराहना 

इस कार्रवाई के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने इसकी सराहना करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि टपीड़ित हिंदू बेटियों ने आपको सहस्र आशीर्वाद दिए हैं सीएम मोहन यादव जी। महाकाल महाराज आपको और अधिक शक्ति प्रदान करें।’ इसी के साथ उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कोठी के पास ग्रीन बेल्ट की सरकारी जमीन पर बना एक अवैध मदरसा भी है.. जहां दूसरे राज्यों से बच्चों को लाकर कट्टरवाद की शिक्षा दी जाती थी। उन्होंने मांग की कि उसे भी ध्वस्त किया जाए।

कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने की मांग 

वहीं इस मामले पर कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को साधुवाद दिया है। हालांकि, उन्होंने यह सवाल भी उठाया है कि बीजेपी के मंत्री, विधायक, सांसद और हिंदू संगठनों ने इस साहसिक कदम का खुलकर समर्थन क्यों नहीं किया। कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि शारिक मछली परिवार को संरक्षण देने वाले “मगरमच्छों” पर भी कार्रवाई की जाए और उन्हें भी चिन्हित किया जाए जो आरोपी से लाभ उठा रहे थे।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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