कोरोना से निपटने शिवराज ने 10 आईएएस को सौंपा 49 जिलों का जिम्मा

कोरोना से निपटने शिवराज ने 10 आईएएस को सौंपा 49 जिलों का जिम्मा

भोपाल| मध्य प्रदेश में कोरोना महामारी अब अपना विकराल रूप धारण करती दिख रही है। ऐसे में इस महामारी से लड़ने सरकार नई-नई रणनीतियों के तहत काम कर रही है| प्रदेश में अभी मंत्रिमंडल नहीं है| अधिकारियों के भरोसे ही कोरोना के खिलाफ मुख्यमंत्री शिवराज अकेले जंग लड़ रहे हैं| अब उन्होंने 10 आईएएस अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी है|

कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए इससे निपटने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 10 आईएएस अधिकारियों को जिले आवटित किये है। इंदौर, भोपाल तथा उज्जैन की स्थिति की समीक्षा राज्य स्तर पर की जा रही है। यह अधिकारी सौंपे गये जिलों में कोविड-19 स्ट्रेटजी के अनुसार प्रतिदिन जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन द्वारा किये गये कार्यों की स्वतंत्र समीक्षा करेंगे|

इन अधिकारियों को सौंपे गए ये जिले

IAS मनु श्रीवास्तव को श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया और ग्वालियर की समीक्षा करेंगे
नीरज मंडलोई को बैतूल, होंशगाबाद, हरदा और सीहोर की समीक्षा करेंगे
रश्मि अरूण शमी को रतलाम, शाजापुर, आगर, मंदसौर और नीमच की समीक्षा करेंगे
दीपाली रस्तोगी को धार, अलीराजपुर, झाबुआ, खरगोन, बडवानी और बुरहानपुर की समीक्षा करेंगे
नितेश ब्यास को सागर, दमोह, पन्ना ,छतरपुर टीकमगढ और निवाडी की समीक्षा करेंगे
डी.पी. आहूजा को जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, खंडवा और छिंदवाडा की समीक्षा करेंगे
मुकेश गुप्ता को सिवनी, मंडला, डिंडौरी और बालाघाट की समीक्षा करेंगे
पवन शर्मा को देवास, रींवा, सिंगरौली, सीधी और सतना की समीक्षा करेंगे
कवीन्द्र कियावत को गुना, अशोकनगर, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर की समीक्षा करेंगे
बी.चंदशेखर को रायसेन, राजगढ,विदिशा और शिवपुरी की समीक्षा करेंगे

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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