Shivraj Cabinet : खाद को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश, ग्वालियर में बनेगा अटल बिहारी वाजयेपी न्यास, कई अहम फैसले

Shivraj Cabinet : खाद को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश, ग्वालियर में बनेगा अटल बिहारी वाजयेपी न्यास, कई अहम फैसले

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। सीएम शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhan) की अध्यक्षता में आज कैबिनेट (Cabinet) की वर्चुअल बैठक सम्पन्न हुई। इसमें कई अहम फैसले लिये गए। साथ ही प्रदेश में खाद की किल्लत को लेकर चर्चा हुई और सीएम ने इसे लेकर अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। इसी के साथ कोविड-19 से प्रभावित उद्योगों को उबारने के लिए कई प्रस्तावों पर सहमति बनी। मंत्रि-परिषद द्वारा ग्वालियर में  अटल बिहारी वाजपेयी के स्मारक के निर्माण और संस्कृति विभाग के आधीन स्वायत्त “अटल बिहारी वाजपेयी स्मारक न्यास” के गठन के लिये स्वीकृति दी गई।

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गृहमंत्री और सरकार के प्रवक्ता नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि स्मारक न्यास के माध्यम से युवाओं और नौनिहालों में राष्ट्र निर्माण एवं राष्ट्र विकास के प्रति संवेदनशीलता तथा जागरुकता का प्रचार-प्रसार करने के लिये आवश्यक प्रयास किया जायेगा। स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी की भव्य प्रतिमा एवं दृश्य-श्रव्य माध्यमों से उनके जीवन चरित्र का प्रचार-प्रसार किया जायेगा। प्रतिमा स्थल के आसपास सुव्यवस्थित जन-सुविधाएँ विकसित की जायेगी। साथ ही उनके जीवन दर्शन से संबंधित गतिविधियों के संचालन के लिये कार्यशाला, सेमिनार, शोध, संगोष्ठी, व्याख्यान इत्यादि का आयोजन किया जायेगा। स्मारक परिसर में अटल बिहारी वाजपेयी एवं उनके जीवन दर्शन से संबंधित साहित्य का प्रकाशन एवं पुस्तकों की लायब्रेरी/ई-लायब्रेरी, सुशासन एवं नीति निर्माण हेतु अध्ययन केन्द्र की स्थापना पर्यटन की दृष्टि से परिसर में वाटर बॉडी, कैंटीन, पार्क आदि का विकास किया जायेगा। राष्ट्र निर्माण एवं राष्ट्र विकास के प्रति संवेदनशीलता तथा जागरूकता का प्रचार-प्रसार करने के लिए फिल्मों का संग्रहण, दृश्य श्रव्य/मल्टीमीडिया, संग्रहालय, मुक्ताकाश मंच एवं ऑडिटोरियम आदि सुविधाओं का सृजन, उनकी बौध्दिक प्रखरता, साहित्यिक दृष्टिकोण और विशेष रूप से संसद में सशक्त उपस्थिति को प्रमुख आयाम के रूप में प्रदर्शित किया जायेगा। न्यास के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए भारत सरकार, राज्य सरकार, गैर शासकीय संस्थाओं, संगठनों, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के निकाय तथा व्यक्तियों से सम्पर्क समन्वय तथा सहयोग स्थापित कर क्रियान्वयन किया जायेगा।

खाद की किल्लत पर चर्चा, अधिकारियों को निर्देश

प्रदेश में किसानों के लिए खाद की उपलब्धता के संबंध में वितरण की व्यवस्था पर आवश्यक निर्देश दिए। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में उपलब्ध खाद जैसे यूरिया, डीएपी आदि का किसानों को वितरण सुनिश्चित करें। किसानों को बाकी विकल्पों की भी जानकारी दें। स्टॉक की निगरानी रखें, गत वर्ष के आंकड़ों के मुताबिक केन्द्रों पर स्टॉक भेजने की व्यवस्था करें। सीएम ने कहा कि खाद की उपलब्धता केवल पर्याप्त नहीं है, ठीक ढंग से इसके वितरण की व्यवस्था बनाना भी आवश्यक है। कई जिलों में पिछले वर्ष से ज्यादा मात्रा में भी खाद उपलब्ध है और जिन जिलों में कम हैं, वहां के लिए तेजी से व्यवस्थाएं की जा रही है।

एशियन विकास बैंक की सहायता से राजमार्गो का उन्नयन

मंत्रिपरिषद द्वारा म.प्र. सड़क विकास निगम द्वारा परिचालित एडीबी 6/7 परियोजना के अन्तर्गत मुख्य जिला मार्गों को इंटरमीडिएट लेन (5.5 मीटर चौड़ाई) के स्थान पर 2 लेन (7 मीटर चौड़ाई) करने का अनुमोदन किया गया। साथ ही 41 अन्य सड़क परियोजनाओं को एडीबी से पृथक कर अन्य योजनाओं में निर्माण की स्वीकृति दी गयी। परियोजना में 60 मार्गों के उन्नयन के लिये 6156 करोड़ रूपये की संयुक्त प्रशासकीय स्वीकृति जारी करने का अनुमोदन किया गया। वर्तमान में यह परियोजना प्रगति पर है, जिसे वर्ष 2024 तक पूर्ण किये जाने का लक्ष्य है। परियोजना अंतर्गत 13 अनुबंधों में कार्य प्रारंभ किया जा चुका है और 19 कार्य निविदा स्तर पर है। परियोजना में रोड एसेट मैनेजमेंट सिस्टम का विकास कार्य भी एडीबी द्वारा स्वीकृत है, जो निविदा स्तर पर है। रोड एसेट मैनेजमेंट सिस्टम की स्थापना होने पर मार्गों के संधारण एवं निर्माण का कार्य वैज्ञानिक पद्धति से बिना मानवीय हस्तक्षेप के संभव हो सकेगा।

ग्लोबल स्किल्स पार्क की स्थापना

आधुनिक उद्योगों की आवश्यकताओं की पूर्ति करने के लिए, कौशल विकास रणनीति को दृष्टिगत और अत्यधिक कुशल जनशक्ति के पूल (Pool) को बनाने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए मंत्रि-परिषद द्वारा ए.डी.बी ऋण सहायतित, “मध्य प्रदेश कौशल विकास परियोजना” में ग्लोबल स्किल्स पार्क की स्थापना के लिये 319 पदों के निर्माण और 5 वर्ष के संचालन के लिये 125 करोड़ रूपये की ब्लॉक ग्रांट के वित्तीय प्रावधान को स्वीकृति प्रदान की गई।

ग्रीष्मकालीन मूंग को पीडीएस. के माध्यम से हितग्राहियों को प्रदान किए जाएंगे

मंत्रिपरिषद ने रबी वर्ष 2020-21 (विपणन वर्ष 2021-22) में भारत सरकार के लक्ष्य से अधिक उपार्जित ग्रीष्मकालीन मूंग को मध्यान्ह भोजन अंतर्गत सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पी.डी.एस.) के माध्यम से हितग्राहियों को प्रदाय किये जाने का निर्णय लिया।

कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर से प्रभावित उदयोगों के लिये ब्याज/विलम्ब शुल्क से मुक्ति

मध्यप्रदेश राज्य औदयोगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम में कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर से प्रभावित उद्योगों के सुचारू रूप से संचालन हेतु ब्याज/विलम्ब शुल्क से मुक्ति देने का अनुमोदन किया। एमपीआईडीसी द्वारा स्थापित औद्योगिक क्षेत्रों/ आवंटित अविकसित शासकीय भूमि में भू-आवंटितियों से मध्यप्रदेश राज्य औदयोगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 में प्रभार्य वार्षिक भू-भाटक एवं संधारण शुल्क को कोविड-19 संक्रमण के दृष्टिगत एक मई 2021 से 31 अक्टूबर 2021 तक या इस संदर्भ में विभाग दवारा जारी आदेश दोनों में से जो भी पहले हो, के 30 दिवस के भीतर तक भुगतान करने की सुविधा बिना किसी ब्याज, जुर्माना या विलम्ब शुल्क के प्रदान की जायेगी। मध्यप्रदेश राज्य औदयोगिक भूमि भवन प्रबंधन नियम अंतर्गत भू आवंटितियों के लिये विभिन्न प्रयोजन हेतु निर्धारित समयावधि में एक मई 2021 से 31 अगस्त 2021 तक की चार माह की समयावधि को गणना में सम्मिलित नहीं किया जायेगा।

भारत सरकार के उपक्रम Mineral Exploration Corporation Limited (MECL) एवं मध्यप्रदेश राज्य खनिज निगम लिमिटेड के मध्य एमओयू

संचालनालय, भौमिकी तथा खनिकर्म, मध्यप्रदेश, भारत सरकार के उपक्रम Mineral Exploration Corporation Limited (MECL) और मध्यप्रदेश राज्य खनिज निगम लिमिटेड के मध्य एम.ओ.यू निष्पादन के संबंध में अनुमोदन किया गया। प्रदेश में खनिजों के सर्वेक्षण तथा पूर्वेक्षण के लिए भारत सरकार के उपक्रम Mineral Exploration Corporation Limited (MECL) का सहयोग लिये जाने के लिए संचालनालय, भौमिकी तथा खनिकर्म एवं मध्यप्रदेश राज्य खनिज निगम के मध्य MOU निष्पादित किया जायेगा। इस कार्य में राज्य शासन बजट के माध्यम से राशि उपलब्ध करायेगा। खनिज के पूर्वेक्षण उपरांत चिन्हित ब्लॉकों को नीलाम किया जा सकेगा। नीलाम होने के पश्चात सफल बोलीदार से इस कार्य में हुए व्यय की प्रतिपूर्ति हो सकेगी। खनिज ब्लॉक नीलाम होने से प्रदेश के खनिज राजस्व में वृद्धि संभावित होगी। नवीन खदान संचालन से रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हो सकेंगे।

बेटमा खुर्द जिला इंदौर में फर्नीचर क्लस्टर की स्थापना

इंदौर इंटरनेशनल फर्नीचर क्लस्टर एसोसिएशन इन्दौर को फर्नीचर क्लस्टर विकसित करने के लिये बेटमा खुर्द जिला इंदौर की 190.345 हेक्टेयर शासकीय भूमि पर विकास की अनुमति और क्लस्टर अंतर्गत स्थापित औद्योगिक/व्यवसायिक इकाइयों से विकास शुल्क तथा संधारण शुल्क लिये जाने के अधिकार के साथ प्रस्तावित क्लस्टर को तीन चरणों में विकसित करने की अनुमति प्रदान की गई है। परियोजना अंतर्गत फर्नीचर निर्माण एवं उससे संबंधित विनिर्माण इकाइयों के लिये विकसित अधोसंरचना उपलब्ध कराई जायेगी। क्लस्टर के पूर्ण रूपेण क्रियान्वित होने पर लगभग 600 करोड़ रूपये का पूंजी वैष्ठन होगा तथा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आपूर्ति श्रृंखला एवं अधोसंरचना की स्थापना से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। क्लस्टर की स्थापना से निर्माण से लेकर बाजार तक आपूर्ति श्रृंखला से निवेश में वृद्धि होगी और प्रदेश के निवेशकों को उनके उत्पाद का उचित दाम मिलने के साथ क्लस्टर में स्थापित होने वाली इकाइयों से गुणवत्ता पूर्ण उत्पादों की पूर्ति होगी, इससे निर्यात के अवसर प्राप्त हो सकेगें।

राजस्व विभाग अंतर्गत भूमि संबंधी निर्णय

ग्वालियर एवं दतिया में द ग्वालियर एग्रीकल्चर कम्पनी लिमिटेड से संबंधित 8,585.45 एकड़ भूमि में से मध्यप्रदेश कृषि जोत उच्चतम सीमा अधिनियम, 1960 अंतर्गत अतिशेष घोषित लगभग 5 हजार 200 एकड़ भू-भाग के संबंध में कम्पनी द्वारा न्यायालयों में प्रचलित समस्त प्रकरण वापिस लिए जाने और भविष्य में प्रश्नाधीन प्रकरण न्यायालयों के समक्ष वाद दायर न करने की अण्डरटेकिंग (वचन-पत्र) विहित रूप से प्रदान करने की स्थिति में कृषि अतिशेष घोषित लगभग 5 हजार 200 एकड़ भूमि बिना किसी शर्त/प्रभार के मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग के स्वामित्व में वेष्ठित की जाने का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा किया गया। कार्यवाही पूर्ण होने के उपरांत यदि दि ग्वालियर एग्रीकल्चर कम्पनी लिमिटेड दवारा मध्यप्रदेश शासन के स्वामित्व की उक्त भूमि पर पूंजी निवेश का प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाता है तो ऐसी स्थिति में, लोकहित एवं निवेश के फलस्वरूप उत्पन्न होने वाले रोजगार के अवसरों को दृष्टिगत रखते हुए, आवेदित भूमि को परियोजना के लिये कम्पनी के पक्ष में लीज/इक्विटी आधार पर दिए जाने की कार्यवाही की जायेगी। कलेक्टर, ग्वालियर एवं दतिया द्वारा द ग्वालियर एग्रीकल्चर कंपनी से संबंधित प्रश्नाधीन भूमि के रकबे के विषय में वस्तुस्थिति का परीक्षण एवं सत्यापन की कार्यवाही की जायेगी। ज्ञापन हस्ताक्षरित होने के पश्चात् उभय पक्ष द्वारा प्रश्नाधीन भूमि के परिप्रेक्ष्य में भविष्य में न्यायालयों के समक्ष किसी भी प्रकार का वाद प्रस्तुत नहीं किया जायेगा।

मंत्रिपरिषद द्वारा राजस्व विभाग की मंदसौर शहरी क्षेत्र के संजय गांधी वार्ड नंबर 9, पुलिस कॉलोनी के पास स्थित पुरानी जिला पंचायत की भूमि और भवन परिसम्पत्ति के निर्वर्तन के लिये रिजर्व मूल्य 6.68 करोड़ रूपये (छः करोड़ अड़सठ लाख रुपये) का कार्योत्तर अनुमोदन एवं परिसम्पत्ति के निर्वर्तन के लिये आमंत्रित निविदा में निविदाकारों की वित्तीय निविदा राशि एवं उनके द्वारा ई-नीलामी में लगाई गई बोली में से उच्चतम H-1 निविदाकार द्वारा निविदा बोली मूल्य का 100% जमा करने के उपरांत परिसम्पत्ति के निर्वर्तन के लिये अनुबंध/रजिस्ट्री के निष्पादन और H-1 निविदाकार के पक्ष में नामांतरण किया जाने का निर्णय लिया गया।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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