गृह जिले का हाल जानने निकले शिवराज, बाढ़ प्रभावितों के लिए की यह घोषणाएं

गृह जिले का हाल जानने निकले शिवराज, बाढ़ प्रभावितों के लिए की यह घोषणाएं

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में पिछले दिनों भारी बारिश के कारण आई बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) लगातार जिलों के दौरे कर रहे हैं| मंगलवार को सीएम शिवराज ने सीहोर जिले (Sehore District) के बाढ़ प्रभावित ग्रामों का दौरा किया|

इस दौरान उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि बाढ़ से हुए नुकसान की पूरी भरपाई की जाएगी। नष्ट हुई फसलों की बीमा राशि एवं मुआवजा मिलेगा। टूटे हुए मकानों को दोबारा बनवाया जाएगा तथा अनाज, घरेलू सामान आदि के नुकसान की भी आर.बी.सी 6/4 के प्रावधानों अनुसार भरपाई की जाएगी। किसी भी बात की चिंता न करें, सरकार पूरी तरह आपके साथ है। शिवराज “मामा” किसी की आँख में आंसू नहीं आने देगा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान आज सीहोर जिले के बाढ़ग्रस्त ग्रामों निनौर, जहाजपुरा, आवलीघाट, नहलाई, सलवनपुर आदि का दौरा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन व्यक्तियों के मकान बाढ़ से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, उन्हें आरबीसी 6/4 के तहत एक लाख रूपए की राशि, मनरेगा के अंतर्गत मजदूरी की 20 हजार रूपए तथा शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रूपये की राशि इस प्रकार एक लाख 32 हजार की राशि प्रदान की जाए।

50-50 किलो नि:शुल्क गेहूँ

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रत्येक बाढ़ प्रभावित को 50-50 किलो नि:शुल्क गेहूँ उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा 5-5 किलो खाद्यान्न नवम्बर माह तक नि:शुल्क मिलेगा। खाद्यान्न सुरक्षा योजना का 01 रूपये किलो की दर पर 5-5 किलो प्रति व्यक्ति उचित मूल्य राशन भी हर गरीब को उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कलेक्टर को निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित करें कि हर गरीब की पात्रता पर्ची बन जाए तथा उसे राशन मिल जाए।

शीघ्र करवाएं सर्वे पूर्ण
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कलेक्टर को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के सर्वे का कार्य शीघ्र पूरा कर, प्रभावितों को मुआवजा दिलाया जाए। जिन किसानों के खेतों को नुकसान हुआ है तथा गोशाला शेड टूट गए हैं उनके खेतों में सुधार के लिए तथा गोशाला शेड दोबारा बनवाने के लिए मनरेगा योजना से सहायता दी जाए। खेतों में सुधार कार्यों के लिए 03 लाख 80 हजार रूपये तक तथा गोशाला शेड के पुनर्निमाण के लिए 70 हजार से 01 लाख रूपये तक सहायता दिए जाने का प्रावधान है।

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