एक्टर सुशांत के निधन पर भावुक हुए शिवराज, बोले-”ऐसे भी जाता नहीं कोई”

एक्टर सुशांत के निधन पर भावुक हुए शिवराज, बोले-”ऐसे भी जाता नहीं कोई”

भोपाल। धोनी फिल्म से चर्चा में आए मशहूर अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (Actor Sushant Singh Rajput) की खुदकुशी की खबर ने सबको चौंका दिया है।  उन्होंने ऐसा क्यों किया है इसे लेकर अभी तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है। सोशल मीडिया से लेकर बॉलीवुड तक शोक लहर है। देशभर से प्रतिक्रियाएं सामने आ रही है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) ने भी फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत पर गहरा शोक जताया है।

शिवराज ने ट्वीट कर लिखा है कि ‘रहने को सदा दहर में आता नहीं कोई, तुम जैसे गए, ऐसे भी जाता नहीं कोई।। युवा अभिनेता #SushantSinghRajput के ऐसे और असमय दुनिया छोड़कर जाने के समाचार से अत्यंत दु:ख हुआ। ईश्वर उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान और परिजनों को यह पीड़ा सहन करने की शक्ति दें। विनम्र श्रद्धांजलि।

बता दे कि बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत ने सुसाइड कर लिया है। अभी तक सुशांत के सुसाइड की वजह सामने नहीं आई है। मुंबई पुलिस जांच के लिए उनके घर पहुंची है। रिपोर्ट्स के मुताबिक सुशांत के नौकर ने पुलिस को फोन करके इसकी जानकारी दी है। उनके सुसाइड की खबर से हर कोई सदमे में है। बॉलीवुड में उनके निधन से शौक की लहर है।फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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