MP : किसानों को लेकर शिवराज सरकार का एक और बड़ा फैसला, रोडमैप तैयार

Shivraj cabinet meeting

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। इन दिनों देश-प्रदेश (MP) की राजनीति (Politics) में किसान (Farmers) मुख्य बिंदु बना हुआ है। एक तरफ कृषि बिलों (Agricultural Bills) के विरोध में 45 दिन से किसान आंदोलन (Farmers Protest) जारी है।वही दूसरी तरफ MP की शिवराज सरकार (Shivraj Government) किसानों को कृषि बिल (Farm Bill) समझाने के साथ साथ बड़े बड़े फैसले ले रही है।अब सरकार ने फैसला लिया है कि खाद्य प्रसंस्करण कारोबार से जुड़ने के लिये किसानों को तकनीकी कौशल (Technical Skills) भी मुहैया करायेगी।

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यह जानकारी शिवराज सरकार में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भारत सिंह कुशवाह (Minister Bharat Singh Kushwaha) ने दी। कुशवाह ने कहा कि किसान फसल उत्पादक (Crop producer) के साथ-साथ खाद्य प्रसंस्करण से जुड़कर उपज के कारोबारी भी बनें। खाद्य प्रसंस्करण कारोबार (Food Processing Business) से जुड़ने के लिये प्रदेश सरकार किसानों को आर्थिक मदद के साथ-साथ तकनीकी कौशल भी मुहैया करायेगी।

राज्य मंत्री कुशवाह ने कहा कि उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण (Horticulture & Food Processing) से जुड़कर परिवार के मुखिया ही नहीं सभी सदस्य भी आत्मनिर्भर (Aatmanirbhar) बन सकते हैं। पारंपरिक खेती (Farming) पर निर्भर रहकर किसान अपनी आय दोगुनी नहीं कर सकते हैं। इसके लिये उन्हें उद्यानिकी फसलें अपनानी होंगी। साथ ही अपनी उपज के अधिक दाम प्राप्त करने के लिये खाद्य प्रसंस्करण व्यवसाय से भी जुड़ना होगा।

उन्होंने कहा कि सरकार ने उद्यानिकी को बढ़ावा देने के लिये रोड़मैप तैयार कर लिया है। किसान इसका लाभ लेने के लिये आगे आएँ। सरकार (Government) द्वारा उद्यानिकी फसल और छोटे-बड़े कोल्ड स्टोर निर्माण के लिये 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है। प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के 20 विकासखण्डों को उद्यानिकी फसलों के लिये मॉडल के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है। इनमें मुरार विकासखण्ड भी शामिल है। समस्याओं के निराकरण में ढिलाई हुई तो संबंधित अधिकारी जवाबदेह होंगे

इस अवसर पर कुशवाह ने लगभग 2 करोड़ 54 लाख रूपए लागत के 17 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया, जिसमें लगभग 192 लाख रूपए लागत से मूर्तरूप लेने जा रही नल-जल योजना शामिल है। इस योजना से उटीलावासियों को घर-घर नल से पानी उपलब्ध होगा। तानसेन की जन्मस्थली बेहट, भदावना, काशीबाबा देव स्थल, देवगढ़ किला एवं जागेश्वर मंदिर को जोड़ते हुए एक टूरिस्ट सर्किट की कार्य योजना बनाई गई है। इस टूरिस्ट सर्किल को दतिया जिले में स्थित प्रसिद्ध रतनगढ़ माता मंदिर, पीताम्बरा माई एवं ओरछा टूरिस्ट सर्किट से जोड़ा जायेगा।

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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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