भगवान की शरण में शिवराज, कैबिनेट विस्तार से पहले करेंगे तिरुपति के दर्शन

भगवान की शरण में शिवराज, कैबिनेट विस्तार से पहले करेंगे तिरुपति के दर्शन

भोपाल। मध्य प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार की खबरें इन दिनों जोरों से चल रही है। उपचुनाव से पहले हो रहे मंत्रिमंडल विस्तार में शामिल होने वाले चेहरे कौन से होंगे, इस पर सबकी नजर है। ऐसे में पक्ष से लेकर विपक्ष तक हर किसी को इसका बेसब्री से इंतजार है। मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर हाईकमान से चर्चा करने के लिए आज सीएम शिवराज दिल्ली रवाना होना है, लेकिन उससे पहले सीएम शिवराज कही ओर हाजिरी लगाने पहुंचेगे।

दरअसल भगवान में श्रद्धा रखने वाले सीएम शिवराज सिंह चौहान आज दिल्ली से पहले आंध्र प्रदेश में तिरुपति बालाजी जाऐंगे। यहां बालाजी भगवान के दर्शन और पूजन करने के पश्चात वे सीधे दिल्ली के लिए रवाना हो जाऐंगे। बताते चले कि कैबिनेट में शामिल करने वाले चेहरों को लेकर भाजपा संगठन की बैठकों का दौर लगातार जारी है। मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर बुधवार देर रात सीएम शिवराज भी भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे थे। जहां उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और संगठन महामंत्री सुहास भगत के साथ करीब दो घंटे चर्चा की है। इस दौरान उन्होंने आज राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की होने वाली वर्चुअल रैली की तैयारियों का भी जायजा लिया।

वहीं आज सीएम शिवराज सिंह चौहान मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर हाईकमान से चर्चा करने के लिए आज दिल्ली रवाना होंगे। दिल्ली में आला नेताओं से वे मुलाकात करेंगे। इस मुलाकाता में कैबिनेट विस्तार के संबंध में चर्चा हो सकती है। लेकिन उससे पहले शिवराज तिरुपति बालाजी के दरबार में दर्शन करने जाऐंगे। माना जा रहा है कि एक-दो दिन के अंदर मंत्रिमंडल विस्तार कर दिया जाएगा।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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