अब शिवराज ने साधा IAS अधिकारियों पर निशाना

अब शिवराज ने साधा IAS अधिकारियों पर निशाना

भोपाल। नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव द्वारा आईएएस अधिकारियों पर फेसबुक के माध्यम से की गई टिप्पणी के बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान ने आईएएस अधिकारियों पर निशाना साधा है । मुरैना जिले के कोलारस में आयोजित एक सभा में उन्होंने कमलनाथ सरकार के शुद्ध के लिए युद्ध अभियान को आईएएस अधिकारियों का पैसा कमाने का ढोंग बताया है ।

शिवराज ने तंज कसते हुए कहा कि उनकी सरकार में प्रदेश से डकैतों का सफाया हो गया था लेकिन अब पूरे प्रदेश में वसूली के लिए नए डकैत पनप रहे हैं। माफिया के नाम पर एक व्यक्ति का मकान तोड़ दिया जाता है और फिर दूसरों के पास जाकर कहा जाता है कि पैसे दो नहीं तो तुम्हारा भी तोड़ दिया जाएगा ।पूरे प्रदेश में आतंक का राज कायम है। शिवराज ने राजगढ़ की कलेक्टर निधि निवेदिता द्वारा एक बीजेपी कार्यकर्ता ,एक एएसआई और एक पटवारी को चांटा मारने की घटना पर कहा कि लोकतंत्र में एक आम आदमी की इज्जत कलेक्टर के बराबर है और कलेक्टर को कोई हक नहीं कि किसी व्यक्ति को चांटा मार दे। बावजूद इसके सरकार ने अब तक कलेक्टर के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की है ।आईएएस अधिकारियों को समझना चाहिए कि उन्हें सारी सुविधाएं जनता की गाढ़ी कमाई और पसीने से मिलती है। शिवराज ने आगे कहा कि ईमानदार अधिकारियों का स्वागत करते हैं लेकिन आम आदमी का अपमान उनके राज में कभी हुआ ना वह होने देंगे ।शिवराज ने कमलनाथ सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में आतंक का राज है और सरकार ट्रांसफर पोस्टिंग के माध्यम से वसूली में लगी है ।शिवराज ने सरकार को तमाचा मार सरकार बताया ।उन्होंने कमलनाथ पर तंज कसते हुए कहा कि वे क्षेत्र में कभी जाना पसंद नहीं करते और जब उनसे कहा गया तो उन्होंने कहा कि वह वल्लभ भवन में ही ठीक हैं। शिवराज ने कमलनाथ के लिए कहा “तेरी प्यारी प्यारी सूरत को किसी की नजर ना लगे।” इस सभा में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी मौजूद थे और इस सभा के माध्यम से जौरा में होने वाले उप चुनाव का शंखनाद किया गया

Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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