कोरोना संकट के बीच अफवाहों से परेशान शिवराज

कोरोना संकट के बीच अफवाहों से परेशान शिवराज

भोपाल| मध्य प्रदेश में कोरोना का कहर तेजी से बढ़ता जा रहा है| इससे निपटने की हर कोशिश की जा रही है, पुलिस और डॉक्टर दिन रात डटे हैं, वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी अकेले ही मैदान संभाले हुए हैं| ऐसी स्तिथि में अफवाहों का दौर भी जारी है, जिससे सरकार भी परेशान है| सीएम ने इसको लेकर चिंता जताई है, साथी ही अफवाह फैलाने वालों को दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है|

दरसल, कोरोना संकट के बीच सोशल मीडिया पर तरह तरह के मैसेज वायरल हो रहे हैं| इसको लेकर पुलिस प्रशासन लगातार चेतावनी जारी कर रहा है| लेकिन झूठी जानकारी लगातार शेयर की जा रही है| इससे सरकार भी परेशान है, मुख्यमंत्री शिवराज ने ट्वीट कर लिखा-“कुछ लोग ऐसी अफ़वाहें फैला रहे हैं कि प्रदेश के #COVID19 से संक्रमित कुछ अधिकारियों को देखभाल में ज़्यादा तवज्जो दी जा रही है और बाक़ी लोगों को सही इलाज नहीं दिया जा रहा है।मेरे लिए प्रदेश का हर एक व्यक्ति एक समान है, हर एक नागरिक भगवान है!”

सच जाने बग़ैर किसी भी तरह की अफ़वाह न फैलाएं
सीएम ने अगले ट्वीट में लिखा- “कुछ असामाजिक तत्व क़ानून-व्यवस्था को ले कर तरह-तरह की अफ़वाह फैला रहे हैं। किसी की मृत्यु होने की झूठी खबरें तक फैलाई जा रही हैं! मित्रों, कृपया सच जाने बग़ैर किसी भी तरह की अफ़वाह न फैलाएँ। ये समाज के लिए, प्रदेश के लिए और देश के लिए कदापि ठीक नहीं है”।

अफ़वाहें फैलाना कानूनन अपराध
शिवराज ने चेतावनी देते हुए लिखा “किसी भी प्रकार की अफ़वाहें फैलाना कानूनन अपराध है और हमें इसके लिए दंडात्मक कार्रवाई करने हेतु बाध्य होना पड़ेगा! अपने मोबाइल में आने वाले हर संदेश की जाँच करें और संशय होने पर उसे रिपोर्ट करें। आप के सहयोग से ही हम प्रदेश को इस आपदा से बाहर निकाल पाएँगे “।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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