शिवराज का कमलनाथ सरकार पर हमला-MP को तालिबानी प्रदेश बना दिया

शिवराज का कमलनाथ सरकार पर हमला-MP को तालिबानी प्रदेश बना दिया

भोपाल।

धार के मनावर में हुई मॉब लिचिंग की घटना को लेकर विपक्ष के तेवर आक्रामक हो गए है। भाजपा प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठा रही है। मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी धार में हुई घटना के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ पर सवाल साधे है। उन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सीएम से जवाब मांगा है।

गुरुवार को शिवराज सिंह चौहान ने एक बयान जारी कर प्रदेश की बिगड़ी कानून व्यवस्था के लिए प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए गंभीर आरोप लगाए है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कांग्रेस की कमलनाथ सरकार ने मध्यप्रदेश को तालिबानी प्रदेश बना दिया है। पीट पीट कर लोगों की हत्याएँ की जा रही है। पत्थर से कुचल कुचल कर मारा जा रहा है। उन्होंने कहा कि धार की दुर्भाग्यपूर्ण घटना में जो लोग मारे गए है वे पुलिस को सूचना देकर गए थे कि हम अपना पैसा लेने जा रहे है, वहां हमारी जान को खतरा हो सकता है। लेकिन पुलिस सोती रही और ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना घट गई जिसकी प्रदेश के इतिहास में मिसाल नहीं मिलती।

शिवराज ने सीएम पर कई सवालों की बौछार करते हुए पूछा कि ‘आखिर कहां जा रहा है मध्य प्रदेश कमलनाथ जी? यह जंगलराज नहीं तो क्या है? पुलिस घटना के पहले कार्यवाही क्यों नहीं करती? सवाल खड़ा हो गया है। क्या पुलिस धर्म जाति पंथ पूछ कर कार्रवाई करेगी? क्या पुलिस के हाथ बांध दिए गए हैं? क्या कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी अगर कही कार्यवाई करते हैं तो उनको प्रताडि़त किया जाता है। उनका तबादला किया जाता है। उनको सजाए दी जाती है। यह क्या हो रहा है मध्य प्रदेश में? चारों तरफ तबाही है जंगलराज है। ऐसी घटनाओं पर चुप नहीं बैठा जा सकता।

आगे शिवराज ने कहा कि एक तरफ सागर में दलित नौजवान जिंदा जला दिया जाता है। पुलिस कुछ अपराधियों को ही पकड़ती है। सारे अपराधी नहीं पकड़े गए। यहाँ सागर में भी पुलिस पंथ देख कर कार्यवाही करती है। इसी प्रकार छिंदवाड़ा जिले में मासूम आदिवासी बेटी की रेप कर हत्या की जाती है। आदिवासी बेटियां मारी जा रही है, दलित जिंदा जल रहे है। तालिबानी तरीके से हत्याएं हो रही है और कमलनाथ सरकार सो रही है। आईफा के आयोजन में व्यस्त है। शिवराज ने तंज कसते हुए कहा कि अब तो ये लगता है कि इस सरकार से मांग भी करें या न करें। यह तो कान में तेल डाल कर सो रहे हैं। ऐसी घटनाएं रोकना सरकार की जवाबदारी है। इसलिए सरकार उठे और कार्यवाही करें।

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