सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बीच शिवराज का बड़ा बयान, देखें वीडियो

सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बीच शिवराज का बड़ा बयान, देखें वीडियो

भोपाल।
एक तरफ फ्लोर टेस्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है वही दूसरी तरफ एमपी में बयानबाजियों का दौर शुरु हो गया है। इसी बीच पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान का बड़ा बयान सामने आया है। शिवराज ने कहा कि हम आराम से हैं, विधायक आराम से हैं और आने वाले समय को देखते हुए जनता भी आराम से है।शिवराज ने दावा किया है कि सत्य की विजय होगी और न्याय की जीत होगी ।

कांग्रेस के वकीलों द्वारा 2 हफ्ते का समय मांगने पर शिवराज ने कहा कि क्या हॉर्स ट्रेडिंग करना चाहते हैं , पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई है। बहाना बनाकर और कुछ और नियुक्तियां कर दो इसलिए समय मांगा जा रहा है। सत्य और न्याय की जीत होगी।क़मलनाथ के सीएम नही बनने वाले बयान शिवराज ने तंज कंसते हुए कहा कि मन को बहलाने के लिए ग़ालिब ख्याल अच्छा है।

वही कमलनाथ सरकार में जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और फैसला हमारे पक्ष में आएगा। हमारी सरकार पूर्ण बहुमत में है बीजेपी को अगर लगता है तो वह विधान सभा मे अविश्वास प्रस्ताव लायें ।सीहोर के जिस होटल में बीजेपी विधायक इकठ्ठा है ऊनके भी कोरोना टेस्ट होने चाहिए।कांग्रेस कमल नाथ सरकार निरन्तर प्रदेश के विकास के लिए तात्पर्य है।बीजेपी कार्यालय घेराव पर कांग्रेस पर हुये एफआईआर पर कहा कांग्रेस का एक एक कार्यकर्ता मजबूत है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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