शिवराज का तंज, ‘कांग्रेसी ट्वीट-ट्वीट खेलते रहते है, वो राजनीति करते रहे और हम काम’

शिवराज का तंज, ‘कांग्रेसी ट्वीट-ट्वीट खेलते रहते है, वो राजनीति करते रहे और हम काम’

भोपाल| मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में इन दिनों ट्विटर वॉर का दौर जारी है| अलग अलग मुद्दों पर कांग्रेस (Congress) प्रदेश की शिवराज सरकार (Shivraj Government) की घेराबंदी कर रही है| इसको मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (SHivraj Singh Chauhan) ने कांग्रेसियों को सलाह दी है कि वे ट्वीट की संख्या बढ़ाएं और उचित समय का भी ध्यान रखें|

शिवराज ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा वो किसी भी वस्तु को मुद्दा कहते हुए ट्वीट-ट्वीट खेलते रहते है और मैं समस्या का निवारण के लिए काम शुरू कर देता हु| उन्होंने ट्वीट कर लिखा ‘मेरा कांग्रेसी मित्रों से ये आग्रह है कि वो अपने ट्वीट की संख्या बढ़ाए और उचित समय का भी ध्यान रखे’।

…तो आज सोशल मीडिया का सहारा नहीं लेना पड़ता
सीएम शिवराज ने कहा ‘आजकल ये हो रहा है की वो किसी भी वस्तु को मुद्दा कहते हुए ट्वीट-ट्वीट खेलते रहते है, और मैं पहले ही जनता की हर एक समस्या का संज्ञान ले कर उस के निवारण हेतु काम शुरू कर देता हूँ’ । ‘जब उनकी सरकार थी तब भ्रष्टाचार छोड़ अगर उन्होंने अगर जनता के सोशल इशूज़ का संज्ञान लिया होता तो आज सोशल मीडिया का सहारा नहीं लेना पड़ता! चलिए कोई बात नहीं, वो राजनीति करते रहे और हम काम। जनता तो सब जानती ही है’।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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