केजरीवाल पर शिवराज का तंज, ‘आपके नाम में ‘वॉल’ है तो क्या ऐसी दीवारें खड़ी करेंगे’

केजरीवाल पर शिवराज का तंज, ‘आपके नाम में ‘वॉल’ है तो क्या ऐसी दीवारें खड़ी करेंगे’

भोपाल| कोरोना संकट काल (Corona Crisis) में दिल्ली (Delhi) की केजरीवाल सरकार (Kejriwal Government) ने बड़ा फैसला लेते हुए साफ कर दिया है कि बाहरी मरीजों का इलाज अब राज्य सरकार के अस्पतालों में नहीं होगा। जिससे अब दिल्ली से बाहरवाले लोगों को दिल्ली में इलाज करवाने में दिक्कतों का सामना करना होगा। दिल्ली सरकार के अंतर्गत आने वाले अस्पतालों में अब सिर्फ दिल्ली के लोगों का ही इलाज होगा। केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र वाले अस्पतालों जैसे एम्स समेत अन्य में कोई भी मरीज इलाज करा सकता है। केजरीवाल के इस फैसलों को लेकर अलग अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं| मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने केजरीवाल पर ट्वीट कर निशाना साधा है|

दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली कैबिनेट ने फैसला लिया है कि राज्य सरकार के अस्पताल अब दिल्ली के लोगों के लिए होंगे। केजरीवाल के इस फैसले पर शिवराज सिंह चौहान ने निशाना साधते हुए ट्वीट किया है| उन्होंने लिखा ‘केजरीवाल जी के नाम में ‘वॉल’ है तो क्या ऐसी दीवारें खड़ी करेंगे??!! आख़िर ऐसा भेदभाव क्यों?

गौरतलब है कि देश की राजधानी दिल्ली कोरोना के कहर से गुजर रही है| इस बीच मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने फैसला किया है कि राज्य सरकार के अस्पताल अब दिल्ली के लोगों के लिए होंगे। केंद्र सरकार के अस्पताल में कोई भी इलाज करा सकता है। दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार दोनों के अस्पतालों में 10,000- 10,000 बेड हैं। सीएम केजरीवाल ने बताया कि मार्च के महीने तक दिल्ली के सारे अस्पताल पूरे देश के लोगों के लिए खुले रहे। किसी भी समय हमारे दिल्ली के अस्पतालों में 60 से 70 फ़ीसदी लोग दिल्ली से बाहर के थे। लेकिन कोरोना के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं ऐसे में आप की सरकार बेड का इंतजाम कर रही है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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