जमातियों के खिलाफ शिवराज के सख्त तेवर, दर्ज़ हुई FIR

जमातियों के खिलाफ शिवराज के सख्त तेवर, दर्ज़ हुई FIR

भोपाल

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक बार फिर कहा है कि प्रदेश में किसी तरह के धार्मिक सामाजिक आयोजन नहीं होंगे। लेकिन कई लोग हैं जो इस निर्देश को नहीं मान रहे हैं अपनी पहचान छिपाकर लोगों को संक्रमित कर रहे हैं।

शिवराज ने कहा कि जमात के लोगों ने संक्रमण छिपाकर अपने साथ दूसरों की जिंदगी से भी खिलवाड़ किया है। उन्होने कहा कि सरकार द्वार लगाए गए प्रतिबंध को तोड़ने वाले बख्शे नहीं जाएंगे। शिवराज ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि ऐसे लोगों खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

सीएम ने कहा है कि सरकार लगातार लोगों से संपर्क की कड़ी को तोड़ने की अपील कर रही है, कोई भी सामाजिक आयोजन नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। मंदिर, मस्जिद, चर्च हो या गुरुद्वारा, कहीं भी कोई कार्यक्रम नहीं हो रहे हैं और इसमें समाज भी सहयोग कर रहा है,  इसके बाद भी कुछ लोग मानने को तैयार नहीं है और अपनी पहचान छुपाकर संक्रमण छुपाने की कोशिश कर रहे हैं। शिवराज ने कहा कि जमात के कुछ लोगों ने संक्रमण छुपाया जिससे प्रदेश के कई जिलों में यह संक्रमण पहुंच गया। यह केवल उनकी जिंदगी का सवाल नहीं है। अपनी जान तो खतरे में डाल ही रहे हैं साथ मे दूसरों की जिंदगी से भी खेल रहे हैं लेकिन किसी को भी दूसरों की जिंदगी से खेलने की इजाजत नहीं दी जाएगी और उनपर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीएम ने कहा कि आज कई जगह ऐसी घटनाएं सामने आई हैं और ऐसे लोगों पर FIR की गई है लोग गिरफ्तार किए गए है। उन्होने कड़े लहजे में कहा कि मैं चेतावनी दे रहा हूँ ,कोई भी हो प्रतिबंध तोड़ेगा तो उस पर केस दर्ज किया जाएगा उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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