सिंगरौली के बासी-बैरदहा में जंगल कटाई पर गरमाई सियासत, उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर खनन माफिया से सांठगांठ और ‘राज्य-प्रायोजित वनसंहार’ का आरोप लगाया

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि आदिवासी परिवारों को उनकी पुश्तैनी जमीन से हटाया जा रहा है और विरोध करने वाले ग्रामीणों को डराने-धमकाने की कोशिश की जा रही है। पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में बदलकर जंगल कटाई को अंजाम दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह पर्यावरण संरक्षण नीति की हत्या और मध्यप्रदेश की हरियाली की बलि चढ़ाने की साजिश है।
Umang Singhar

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सिंगरौली जिले के बासी-बैरदहा क्षेत्र में जंगल कटाई को लेकर कांग्रेस का विरोध जारी है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार विकास के नाम पर खनन माफिया के साथ मिलकर जंगल को तबाह कर रही है। उन्होंने कहा कि यह प्रकृति और आदिवासियों के खिलाफ़ राज्य-प्रायोजित अपराध है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि ‘मैंने पहले भी चेताया था धीरौली में मोदानी एंड कंपनी को कानून को ठेंगा दिखाकर जंगल लूटने का लाइसेंस दिया गया है। और आज उसी भाजपा-प्रायोजित जंगल–डकैती का दृश्य सबके सामने है।’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी जनसरोकार, पर्यावरण सुरक्षा और आदिवासी अधिकारों की लड़ाई पूरी ताकत से लड़ेगी।

उमंग सिंघार ने सिंगरौली में जंगल काटने का किया विरोध

उमंग सिंघार ने कहा कि सिंगरौली के बासी-बैरदहा में जंगल की कटाई प्रकृति, पर्यावरण और आदिवासी समुदायों के संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन लोकतांत्रिक संस्थाओं के पहरेदार की बजाय कॉर्पोरेट हितों के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘सिंगरौली के बांसी–बैरदह में 70 हेक्टेयर जंगल का वनसंहार — 33,000 पेड़ों की निर्मम हत्या है’। इसी के साथ उन्होंने भाजपा सरकार पर खनन माफिया से मिलीभगत का आरोप भी लगाया।

बीजेपी सरकार पर लाया पूंजिपतियों को पक्ष में साज़िश रचने का आरोप

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आदिवासी परिवारों को उनकी पुश्तैनी जमीन से हटाया जा रहा है और विरोध करने पर उन्हें शासन प्रशासन की धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ‘पुलिस-प्रशासन को लोकतंत्र का पहरेदार नहीं,कॉर्पोरेट गुलामी का चौकीदार बना दिया गया है। भाजपा का यह कॉर्पोरेट समर्पण मध्यप्रदेश की हरियाली को बलि चढ़ाकर दो–चार पूँजीपति मित्रों के काले साम्राज्य को बढ़ाने की साज़िश है।’ सिंघार ने कहा कि यह सिर्फ पेड़ों की कटाई नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण नीति की हत्या, संविधान प्रदत्त वन-अधिकार का हनन,और आदिवासी अस्मिता पर निर्मम हमला है। कांग्रेस नेता ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ पेड़ों की नहीं जनता बनाम भाजपा की तानाशाही,हरे–भरे मध्यप्रदेश बनाम कॉर्पोरेट लूट और भविष्य बनाम विनाश की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि हम इस जंगल-लूट, पर्यावरण-विनाश और आदिवासी उत्पीड़न को हर मोर्चे पर बेनकाब करेंगे।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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