कांग्रेस का आरोप, SIR के बहाने दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक वर्ग के मतदाताओं के नाम काटने की साजिश

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार SIR प्रक्रिया 4 दिसंबर तक चलेगी, जिसमें BLO मतदाताओं का सत्यापन करेंगे, नई वोटर लिस्ट अब एक जनवरी 2026 को जारी की जाएगी, प्रदेश के सभी जिलों में प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी हो इसके लिए सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
Election Commission of India

Election Commission of India SIR

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मध्य प्रदेश में भी आज से SIR (Special Intensive Review) विशेष गहन पुनरीक्षण शुरू हो गया है राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर प्रदेश की सभी 230 विधानसभाओं में बूथ लेवल अधिकारी घर घर पहुंचकर मतदाता की पहचान करेंगे और तय फॉर्म और फार्मेट उनकी जानकारी अपडेट करेंगे, भारत निर्वाचन आयोग एसआईआर को बहुत आवश्यक और मतदाता के हित की बात कह रहा है लेकिन कांग्रेस इसे भाजपा और चुनाव आयोग का एक षड्यंत्र बता रही है।

पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि बिना किसी तैयारी और बिना आवश्यक फॉर्म उपलब्ध कराए BLO अधिकारियों को दबाव में काम करने को कहा जा रहा है, जो चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर प्रश्नचिन्ह है। उन्होंने कहा, “हम इस पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं और मजबूती से खड़े हैं। कांग्रेस चुनाव आयोग को नोटिस देगी कि बिना पर्याप्त तैयारी के SIR प्रक्रिया क्यों शुरू की गई है।

चुनाव आयोग और भाजपा की मिलीभगत से रचा एक षड्यंत्र

कांग्रेस नेता ने राज्य में शुरू हुई Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है कि यह पूरा कार्यक्रम चुनाव आयोग और भाजपा की मिलीभगत से रचा गया एक षड्यंत्र है। इसका उद्देश्य प्रदेश में दलित, आदिवासी, मजदूर और अल्पसंख्यक वर्ग के मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटना है।

कांग्रेस इस षड्यंत्र को करेगी बेनकाब: सज्जन 

वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि यह कदम भाजपा और चुनाव आयोग का एक सुनियोजित प्रोपेगेंडा है। उन्होंने कहा कि अगर पिछले चुनावों की मतदाता सूची देखी जाए, तो साफ दिखेगा कि किस तरह सुनियोजित तरीके से गरीब, मजदूर और अल्पसंख्यक वर्ग के मतदाताओं के नाम हटाए गए थे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस इस षड्यंत्र को बेनकाब करेगी और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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