SIR पर सियासी घमासान: ‘भोपाल में 3 लाख मतदाताओं के नाम कटने की आशंका’ उमंग सिंघार ने लगाया बीजेपी और चुनाव आयोग पर मिलीभगत का आरोप

कांग्रेस नेता ने मतदाता सूची में किसी भी तरह की छेड़छाड़ को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया है। उन्होंने पूरे मामले में निष्पक्ष जांच और पूर्ण पारदर्शिता की मांग करते हुए कहा कि कांग्रेस वैध मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी।
Umang Singhar Opposition Leader

Umang Singhar

मध्यप्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। एक बार फिर कांग्रेस ने इसमें मतदाताओं के नाम काटे जाने की आशंका जताई है। उमंग सिंघार ने कहा है कि भोपाल में SIR के तहत 2.5 से 3 लाख मतदाताओं के नाम कट सकते हैं। उन्होंने इसे जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला बताया।

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि यह भाजपा सरकार और चुनाव आयोग की मिलीभगत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि बिना पारदर्शिता, बिना जवाबदेही और पर्याप्त सार्वजनिक सूचना के बगैर मतदाता सूची में इस तरह की छेड़छाड़ लोकतंत्र को कमजोर करती है। उन्होंने कहा कि मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस पूरी तरह प्रतिबद्ध है और वो सड़क से सदन तक इस मुद्दे को उठाएंगे।

उमंग सिंघार ने SIR को लेकर किए सवाल

उमंग सिंघार ने मध्य प्रदेश में जारी SIR प्रक्रिया को फिर सवाल किए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से उन्होंने कहा कि ‘भोपाल में SIR प्रक्रिया के तहत 2.5 से 3 लाख मतदाताओं के नाम काटे जाने की आशंका अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है।’ नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि नई मतदाता सूची के नामों में बड़े पैमाने पर छंटनी और परिवर्तन किए जा रहे हैं जिससे लाखों वैध मतदाता मताधिकार से वंचित हो सकते हैं।

कहा ‘सड़क से सदन तक करेंगे संघर्ष’

उन्होंने सवाल किया है कि किस आधार पर और किसके निर्देशों पर इतने बड़े पैमाने पर मतदाताओं को मताधिकार से वंचित किया जा रहा है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि यह भाजपा सरकार और चुनाव आयोग की मिलीभगत का परिणाम है। इसी के साथ उन्होंने कहा है कि कांग्रेस पार्टी हर वैध मतदाता के अधिकार की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक सवाल उठाएगी। बता दें कि उमंग सिंघार ने कुछ दिन पहले आरोप लगाया था कि SIR की अंतिम मतदाता सूची जारी होने से पहले “साइलेंट डिलीशन” यानी बिना सूचना और आपत्ति के नाम हटाने की तैयारी की जा रही है। इस संबंध में उन्होंने मध्यप्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर आपत्ति भी दर्ज कराई थी।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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