विधानसभा अध्यक्ष ने कहा- “दुखी मन से स्वीकारे विधायकों के इस्तीफे”

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा- “दुखी मन से स्वीकारे विधायकों के इस्तीफे”

भोपाल। गुरूवार देर रात विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति द्वारा कांग्रेस के बागी 16 विधायकों का इस्तीफा मंजूर कर लिये गए हैं लेकिन इसी के साथ उन्होने इस मामले में अपना क्षोभ भी व्यक्त किया है। स्पीकर ने कहा है कि मैं संवैधानिक प्रक्रिया के अनुसार कार्य कर रहा था लेकिन ये विधायक मेरे खिलाफ ही अदालत में चले गए इसलिये दुखी और भारी मन से मैंने उनके इस्तीफे स्वीकार किये हैं। उन्होने कहा कि ये लोकतंत्र की विडंबना है।

आपको बता दें कि गुरूवार देर रात विधानसभा अध्यक्ष  द्वारा 16 बागी विधायकों के इस्तीफे मंजूर कर लिए गए। ये सभी विधायक पिछले दस दिन बेंगलुरु में और उन्होने 10 मार्च को अपना इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष को भेजा था। इससे पहले स्पीकर द्वारा 6 अन्य विधायकों के इस्तीफे भी स्वीकार किये जा चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आज मध्यप्रदेश विधानसभा में फ्लोर टेस्ट होना है और उससे पहले मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दोपहर बारह बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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