MP: राज्य सरकार का बड़ा फैसला, सभी जिलों में लगेंगे शिविर, इन्हें मिलेगा लाभ

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। एक तरफ मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार (MP Shivraj Government) ने युवाओं के लिए मुख्यमंत्री उद्यम क्रान्ति योजना लागू कर दी है वही दूसरी तरफ महिलाओं के लिए भी बड़ा फैसला किया है, इसके तहत प्रदेश के सभी जिलों में महिलाओं के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे।व्याधियों की जाँच कर उन्हें उपचार दिलवाया जाएगा ।इस महिलाओं को हर तरह के इलाज में मदद मिलेगी।

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इंदौर में हो रहे 64वें अखिल भारतीय प्रसूति एवं स्त्री रोग अधिवेशन (AICOG 2022) के शुभारंभ के मौके पर सीएम शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने कहा है कि सभी जिलों में महिलाओं के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। शिविरों में महिलाओं की स्वास्थ्य जाँच और परीक्षण के बाद आवश्यक उपचार की व्यवस्था भी की जाएगी। प्रदेश की स्त्री रोग विशेषज्ञों और चिकित्सकों के साथ सभी चिकित्सकों को अपने दायित्व निर्वहन के लिए सुरक्षित वातावरण और परिवेश उपलब्ध है। यह आदर्श स्थिति बनी रहे, इस दिशा में भी संबंधित एजेंसियों को सक्रिय रखा जाएगा। इंदौर में हो रहे 5 दिवसीय स्त्री रोग विशेषज्ञ अधिवेशन में प्रस्तुत शोध-पत्रों के निष्कर्षों के अनुसार राज्य सरकार जरूरी प्रबंध भी करेगी।

सीएम चौहान ने कहा कि यह अधिवेशन इस दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है कि गत दो वर्ष में कोरोना की वजह से गतिविधियाँ स्थगित थी। इस अधिवेशन की रूपरेखा के लिए फॉग्सी संस्था बधाई की पात्र है। MP में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य हुआ है। उन्हें बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा की सुविधाएँ उपलब्ध करवाकर सशक्त बनाया गया है। लाड़ली लक्ष्मी जैसी योजनाएँ बहुत सफल रही हैं। MP में लिंगानुपात प्रति एक हजार बेटों पर 912 बेटियों के जन्म से आगे बढ़कर 956 तक पहुँच गया है। हमारा प्रयास और लक्ष्य यह है कि यह संख्या समान हो जाए। बेटे और बेटियों में कोई भेद न हो। स्वास्थ्य आयुक्त डॉ. सुदाम खाड़े और अधिवेशन की सह सचिव डॉ. रचना दुबे उपस्थित थी। अधिवेशन फेडरेशन ऑफ ऑब्सटेट्रिक एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटीज ऑफ इंडिया (FOGSI) की तरफ से हो रहा है।

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सीएम चौहान ने कहा कि महिला सशक्तिकरण राज्य सरकार की प्राथमिकता है। मध्यप्रदेश पहला राज्य है जहाँ स्थानीय निकायों में 50% स्थान महिलाओं को दिए गए। महिलाओं ने योग्यता का परिचय भी दिया। इंदौर का उदाहरण ही देखें तो  मालिनी गौड़ मेयर बनी, इसके पश्चात इंदौर स्वच्छता के क्षेत्र में निरंतर अव्वल है। साथ ही दुराचारियों को भी नहीं बख्शा जा रहा है। मध्यप्रदेश की धरती पर बालिकाओं या स्त्रियों के विरूद्ध हिंसा या अनाचार करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध सिर्फ एफआईआर दर्ज करने तक ही कार्यवाही सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे व्यक्तियों की आर्थिक कमर तोड़ने का कार्य भी किया जा रहा है। विभिन्न स्थानों पर बुलडोजर से ऐसे व्यक्तियों का मकान ध्वस्त करने का कार्य किया जा रहा है। दुराचारियों को किसी भी स्थिति में छोड़ा नहीं जाएगा।

सीएम चौहान ने ग्रामीण महिलाओं की स्वास्थ्य समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राय: संकोच के कारण बहुत सी महिलाएँ अपनी शारीरिक तकलीफ को व्यक्त नहीं करती, जिसके कारण उनकी तकलीफ ब्रेस्ट और यूट्रस कैंसर में बदल जाती है। विलंब होने से समुचित उपचार भी संभव नहीं हो पाता।  यह अधिवेशन स्त्री रोग विशेषज्ञों के तकनीकी कौशल, श्रेष्ठ नवाचारों और अनुभवों के परस्पर आदान-प्रदान के बाद महत्वपूर्ण निष्कर्ष सामने लाएगा।  प्रसूति और स्त्री रोगों की चुनौतियों को नित्य प्रति अनुभव करने वाले विशेषज्ञ सरकार को भी आवश्यक दिशा दिखाने का कार्य करेंगे। ग्रामीण महिलाओं के बेहतर उपचार के लिए अनुभवी चिकित्सक और विशेषज्ञों के चिकित्सा सेवा से संबंधित अनुभवों के आदान-प्रदान और निष्कर्ष उपयोगी सिद्ध होंगे। MP में शिशु और मातृ मृत्यु दर में काफी कमी आयी है, इसे और भी कम करने के प्रयासों को तेज किया जाएगा। वर्तमान में संस्थागत प्रसव 92% हो रहे हैं, जो शत-प्रतिशत होने लगे, ऐसे प्रयास किए जाएंगे। इसके अलावा महिलाओं के अन्य रोगों के निराकरण के लिए भी व्यवस्थाओं को सशक्त किया जाएगा।

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मुख्यमंत्री ने संबल योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं के पोषण और आहार के लिए राशि के प्रावधान, ऐसे परिवारों की बालिकाओं को उच्च शिक्षा और कॅरियर निर्माण के लिए सहयोग देने का भी उल्लेख किया।चिकित्सा सेवा से जुड़े लोग परिश्रमी होते हैं, वे विपरीत परिस्थितियों में भी कार्य करते हैं। कोरोना काल में चिकित्सकों ने सराहनीय सेवाएँ दी हैं। चिकित्सक वर्ग के प्रति कई बार कुछ तत्व हिंसात्मक कार्यवाही करते हैं, ऐसी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चिकित्सकों के प्रति हिंसा करने वाली घटनाएँ निंदनीय हैं। मध्यप्रदेश में चिकित्सकों को सुरक्षित वातावरण और परिवेश उपलब्ध है, जो उनका अधिकार भी है। प्रदेश में डॉक्टर प्रोटेक्शन एक्ट लागू है। चिकित्सकों के इस अधिकार की रक्षा के लिए सरकार प्रयत्नशील रहेगी।

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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