
भोपाल। राजधानी भोपाल में स्थित बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय में बुधवार को एक छात्र पानी की टँकी पर चढ़ गया। छात्र का कहना कि पीएचडी में हुए फर्जीवाड़े की शिकायत अनेकों बार पिछले 40-50 दिन से लिखित एवं मौखिक रूप से कुलपति एवं कुलसचिव को की जा चुकी है। लेकिन कोई सुनवाई नही हुई। विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी और पुलिस मौके पर पहुंच गए थे और रेस्क्यू करने की कोशिश की। हालांकि छात्र ने नीचे नहीं उतरने और दबाव डालने पर कूदने की चेतावनी दी।
छात्र का नाम नीरज है, कुलपति, कुलसचिव एवं विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई न करने और हर बार छात्रों को भगाने की बात से परेशान छात्र ने यह कदम उठाया है।
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma
निदेशक और संपादक
पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है।
इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →

