उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान, भोपाल में गत दो सत्रों की भांति इस वर्ष भी 18 सितम्बर, 2025 को ‘एकेडेमिया इंडस्ट्री रिसर्च इंटरफ़ेस 3.0’ का भव्य आयोजन किया गया। मंचासीन अतिथियों द्वारा सरस्वती वंदना के माध्यम से कॉन्क्लेव के उद्घाटन-सत्र का शुभारंभ हुआ। संस्थान के संचालक डॉ. प्रज्ञेश कुमार अग्रवाल एवं संस्थान की ‘वोकेशनल-सेल’ की नोडल अधिकारी कार्यक्रम की संयोजक डॉ. रूचिरा चौधरी द्वारा कार्यक्रम में पधारे अतिथिगणों का स्वागत स्मृति-चिह्न भेंट कर स्वागत किया गया। साथ ही गणमान्य अतिथियों के कमलों द्वारा संस्थान के ‘न्यूज़ लेटर’ का विमोचन भी किया गया।

 

 

‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020’

यहाँ उल्लेखनीय है कि ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020’ के अनुसार पाठ्यक्रमों में उद्योगों की मांग के अनुसार परिवर्तन करना आवश्यक है, जिससे अधिक से अधिक विद्यार्थियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें। अतः डॉ. चौधरी ने इस ‘कॉन्क्लेव’ में 7 क्षेत्रों एग्रीकल्चर एंड एलाइड, कॉमर्स एंड बैंकिंग, एजुकेशन एंड लिटरेचर, हेल्थ केयर फार्मा एंड केमिकल, टैक्सटाइल एंड मैन्युफैक्चरिंग, फूड एवं बेवरेज तथा आईटी इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सस्टेनेबल एनर्जी इंडस्ट्री की विशेषज्ञता रखने वाले उद्योगपतियों के सम्मिलित होने की जानकारी प्रदान की। उन्होंने पधारे उद्योगपतियों द्वारा उनके उद्योगों में निर्मित विभिन्न उत्पादों की लगभग 15 स्टॉल्स की महत्वपूर्ण प्रदर्शनी के बारे में बताया। साथ ही संस्थान के अतिरिक्त भोपाल स्थित अन्य महाविद्यालयों के विद्यार्थियों की कॉन्क्लेव में सहभागिता से भी अवगत करवाया। उन्होंने इस ‘कॉनक्लेव’ के उद्देश्य पर बात करते हुए यह भी कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से विद्यार्थी केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रहकर वास्तविक धरातल पर सफल उद्योगपतियों से मार्गदर्शन व मूल्यांकन प्राप्त कर सकेंगे, जो उन्हें उनके भविष्य हेतु सम्बल प्रदान करेगा। साथ ही उन्होंने इस ‘कॉनक्लेव’ को केवल अवधारणा मात्र न मानते हुए एक ‘आंदोलन’ की भी उपमा दी।

विद्यार्थियों की सफलता सुनिश्चित करने हेतु संस्थान निरंतर अग्रसर

संस्थान के संचालक डॉ. प्रज्ञेश कुमार अग्रवाल ने कार्यक्रम के उद्देश्य को निर्धारित करते हुए उसे पारंपरिक कक्षाओं एवं उद्योगों व बाज़ार के मध्य दूरी को कम करने का साधन बताया। उन्होंने संस्थान के विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अर्जित उपलब्धियों से तो अवगत करवाया ही, साथ ही उद्यमिता एवं व्यापार के क्षेत्र में सफल उद्यमी बने पूर्व विद्यार्थियों की उपलब्धियों का भी विस्तृत परिचय प्रस्तुत किया। डॉ. अग्रवाल ने वर्तमान सत्र में संस्थान में प्रारम्भ किये गये नवीन पाठ्यक्रमों एम.एस.सी. फॉरेंसिक विज्ञान व एम.बी.ए. एवं हाल के वर्षों ने विभिन्न उद्यमी संस्थाओं के साथ हस्ताक्षरित एम. ओ. यू. व विद्यार्थियों को प्राप्त इंटर्नशिप्स के उदाहरण द्वारा यह प्रमाणित करने का प्रयास किया कि उद्यमिता एवं व्यापार के क्षेत्र में विद्यार्थियों की सफलता सुनिश्चित करने हेतु संस्थान निरंतर अग्रसर है।

विद्यार्थियों को देश में पनप रहे नये उद्यमिता अवसरों को खोजने व अपनाने का सुझाव

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में पधारे प्रथम अतिथि डॉ. मथुरा प्रसाद, एडिशनल डायरेक्टर, उच्च शिक्षा विभाग, म. प्र. शासन ने विश्व में उपस्थित रोजगार व स्वरोजगार प्राप्त करने की समस्या को हल करने हेतु उद्यमिता, स्टार्टअप एवं व्यापार को सबसे महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने वर्तमान युवा द्वारा शासकीय नौकरियों को एकमात्र सफल कैरियर मानने की कटु आलोचना करते हुए विद्यार्थियों को देश में पनप रहे नये उद्यमिता अवसरों को खोजने व अपनाने का सुझाव दिया।

 

‘एकेडेमिया रिसर्च इंटरफेस’

द्वितीय अतिथि सुनील जैन, वाइस प्रेसिडेंट, भोपाल चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान, भोपाल से अपने 10 वर्षों के आत्मीय जुड़ाव को व्याख्यायित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को समय रहते जीवन के लक्ष्य को साधने व उसके लिये स्वयं की योग्यताएं विकसित करने का महत्वपूर्ण सुझाव रखा। श्री जैन ने विद्यार्थियों के लिये ‘एकेडेमिया रिसर्च इंटरफेस’ जैसे कार्यक्रमों को मार्किट ट्रेंड्स व इनोवेशन की दिशा को समझकर अपना स्वयं का स्टार्टअप तैयार करने हेतु अग्रसर होने का साधन बताया। उन्होंने ईमानदारी से अपने उद्यम व व्यापार को संचालित करने के साथ, संयुक्त परिवार की व्यापार व उद्योग जगत में महती भूमिका को अपने निजी जीवन के अनुभवों द्वारा रेखांकित किया।

युवाओं को नौकरियां

तृतीय अतिथि प्रदीप कर्मबेल्कर, निदेशक, विज़न इन्वेस्ट टेक प्राय.लिमि. तथा स्टेट चैयरमेन, एफआईसीसीआई, सीएमएसएमई ने संस्थान प्रांगण में सिविल सेवा में चयनित पूर्व विद्यार्थियों के साथ-साथ संस्थान के उद्यमिता व व्यापार के क्षेत्र में सफल विद्यार्थियों के चित्र लगाने का सुझाव दिया। उन्होंने बताया की हर वर्ष देश में लगभग 1 करोड़ 70 लाख युवा स्नातक की डिग्री प्राप्त कर रोजगार की तलाश में निकलता है, जिन्हें रोजगार देने का सामर्थ्य केवल उद्यमियों व व्यापारियों के ही सामर्थ्य में है। प्रदीप कर्मबेल्कर ने आज की ज़ेन-ज़ी पीढ़ी में से उद्यमिता के क्षेत्र में अनेक 100 करोड़ के स्वामी बन जाने वाले उद्यमियों का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए सैनिक के बाद सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति उद्यमी को बताया, जो युवाओं को नौकरियां दे पाता है। साथ ही उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की चुनौतियों से भी विद्यार्थियों को अवगत करवाया।

युवा इनोवेशन व परिवर्तन हेतु कार्य

चतुर्थ अतिथि गुंजन अग्रवाल, उद्योगपति ने व्यापार क्षेत्र के व्यावहारिक अध्ययन पर ज़ोर दिया, जिसके अनुसार युवा इनोवेशन व परिवर्तन हेतु कार्य कर सकें। गुंजन  अग्रवाल ने इस कॉन्क्लेव के माध्यम से संस्थान के रसायन विज्ञान के विद्यार्थियों को स्वयं के निजी उद्यम में शैक्षणिक भ्रमण करने हेतु आमंत्रित भी किया।

उद्यमिता व व्यापार के क्षेत्र को कैरियर हेतु अपनाये

कार्यक्रम में पधारे विशिष्ठ अतिथि डॉ. एस. के. जैन ने आज के चिंताग्रस्त एवं दुःखी भारतीयों के अवसाद का मूल कारण पीढ़ी दर पीढ़ी कौशलों के स्थानांतरण होने की भारतीय परंपरा का बाधित होना बताया। उन्होंने देश के यथार्थ को विद्यार्थियों के सम्मुख रखने की बात कही। हर शिक्षित युवा को चाहकर भी शासकीय कर्मचारी नहीं बनाया जा सकता। वर्तमान में उद्योगों की आवश्यकतानुसार कर्मचारी उपलब्ध नहीं हैं, जिस कारण देश के युवाओं के सम्मुख रोजगार प्राप्त करने की समस्या जन्मी है। उन्होंने शिक्षा को नौकरी प्राप्त करने का माध्यम न मानकर, जीवन जीने की कला को सीखने का माध्यम बताया। डॉ. जैन के अनुसार यदि युवा इसी दृष्टिकोण से शिक्षा ग्रहण करे और उद्यमिता व व्यापार के क्षेत्र को कैरियर हेतु अपनाये, तो भारत विश्व का मार्गदर्शक राष्ट्र बनने की क्षमता प्राप्त कर सकेगा।

इंटर्नशिप्स ऑफर करने व शैक्षणिक भ्रमण

संस्थान के प्रशासनिक अधिकारी एवं वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. महेंद्र सिंघई ने सभी अतिथियों व सहयोगियों को धन्यवाद ज्ञापित कर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यक्रम की संयोजक डॉ. रुचिरा चौधरी का विशेष उल्लेख करते हुए उनकी कर्मठता की प्रशंसा की। साथ ही पधारे उद्योगपतियों को संस्थान के साथ इस कॉन्क्लेव के माध्यम से महत्वपूर्ण एम.ओ.यू. हस्ताक्षरित करने एवं सहभागी विद्यार्थियों को उनकी योग्यतानुसार रोजगार व इंटर्नशिप्स ऑफर करने व शैक्षणिक भ्रमण करवाने का अनुरोध भी किया।

 

विद्यार्थियों को बधाई दी एवं सभी सहभागियों को शुभकामनाएं

उद्घाटन-सत्र के पश्चात् चाय उपरांत विद्यार्थियों व पधारे विशेषज्ञ उद्योगपतियों के मध्य होने वाले तकनीकी-सत्र का आरम्भ हुआ। तकनीकी सत्र हेतु 7 क्षेत्रों के विभिन्न उद्योगतियों को भिन्न-भिन्न कक्षों में समायोजित किया गया, जिनमें भिन्न संकायों व रूचि वाले विद्यार्थी भी अगल-अलग कक्षों में बैठे। इस सत्र में न सिर्फ सम्मिलित विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से अपने करियर की भावी योजनाओं हेतु मार्गदर्शन प्राप्त किया, बल्कि उन सफल विशेषज्ञ उद्योगपतियों के चुनौतीपूर्ण प्रश्नों व गतिविधियों का प्रत्यक्ष सामना कर उनकी कसौटियों पर खरे भी उतरे। अंत में अनेक विद्यार्थियों को उनके अद्भुत कौशल प्रदर्शन के आधार पर मूल्यांकन कर पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी उद्योगपतियों ने उनके सफल उद्यमों में इंटर्नशिप हेतु आमंत्रण दिये। ‘एकेडमिया इंडस्ट्री रिसर्च इंटरफेस 3.0’ के आयोजन में जुटी भिन्न-भिन्न कमेटियों में कार्यरत प्राध्यापकों व विद्यार्थियों के समुचित सहयोग से यह कार्यक्रम अपने उद्देश्य प्राप्ति हेतु सकारात्मक दिशा में अच्छे निष्कर्षों के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। संस्थान के संचालक डॉ. प्रज्ञेश कुमार अग्रवाल तथा कार्यक्रम की संयोजक डॉ. रुचिरा चौधरी ने इंटर्नशिप हेतु आमंत्रण प्राप्त सभी विद्यार्थियों को बधाई दी एवं सभी सहभागियों को शुभकामनाएं प्रेषित की।