छात्रों ने पढ़ी संविधान की प्रस्तावना, भोपाल में जनसंपर्क मंत्री ने की शुरुआत

छात्रों ने पढ़ी संविधान की प्रस्तावना, भोपाल में जनसंपर्क मंत्री ने की शुरुआत

भोपाल| मध्यप्रदेश के स्कूलों में सभाओं के दौरान विद्यार्थी सप्ताह में एक बार हर शनिवार को संविधान की प्रस्तावना पढ़ेंगे| इसकी शुरुआत शनिवार से भोपाल के पांच नंबर स्टॉप स्थित राजीव गांधी हाई स्कूल से हुई| जनसंपर्क मंत्री पी सी शर्मा ने इसकी शुरुआत की। कार्यक्रम में वार्ड पार्षद गुड्डू चौहान बी शामिल हुए| इसके बाद जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा सुभाष स्कूल पहुंचे, जहाँ उन्होंने छात्रों को संविधान की रक्षा की शपथ दिलाई|सरकार का यह कदम ऐसे समय आया है, जब सीएए और एन आर सी के समर्थन व विरोध में देश-प्रदेश में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। महाराष्ट्र सरकार ने भी 26 जनवरी से हर दिन सुबह की प्रार्थना सभा के बाद स्कूलों में संविधान की प्रस्तावना के पाठ को अनिवार्य कर दिया है।

मध्य प्रदेश सरकार ने स्कूलों में संविधान की प्रस्तावना पढ़ाये जाने का निर्णय लिया है|शनिवार को भोपाल के वार्ड 46 माचना कॉलोनी स्थित एकीकृत शा. राजीव गांधी हाई स्कूल में संविधान के उद्देश्य का वाचन किया गया| जिसमे क्षेत्रीय विधायक एवं मंत्री पीसी शर्मा शामिल हुए| इस मौके पर मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि संविधान की प्रस्तावना से संबंधित आदेश को प्रदेश में तत्काल प्रभाव से लागू किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में प्रधान अध्यापक या शिक्षक के मार्गदर्शन में विद्यार्थी हर शनिवार को प्रार्थना सभा के बाद संविधान की प्रस्तावना का पाठ करेंगे। इसी प्रकार उच्च और उच्चतर माध्यमिक शालाओं में विद्यार्थी बाल सभा के दौरान प्राचार्यों के निर्देशन में हर शनिवार को संविधान की प्रस्तावना का पाठ करेंगे।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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