राजाभोज एयरपोर्ट पर मिला कोरोना वायरस का संदिग्ध मरीज, हड़कंप

राजाभोज एयरपोर्ट पर मिला कोरोना वायरस का संदिग्ध मरीज, हड़कंप

भोपाल।देशभर में जारी जनता कर्फ्यू के बीच मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पर एक कोरोना वायरस का एक संदिग्ध मरीज मिला है।मरीज की स्थिति अभी गंभीर है फिलहाल डॉक्टरों की टीम के साथ यात्री एयरपोर्ट पर ही बैठा हुआ है।

दरअसल, भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पर दिल्ली से भोपाल आई एक युवती में कोरोना वायरस के प्रारंभिक लक्षण पाए गए। एयरपोर्ट पर तैनात चिकित्सा दल ने प्रारंभिक जांच के दौरान युवती में कोरोना के लक्षण पाए हैं। युवती एयर इंडिया की दिल्ली से भोपाल आने वाली उड़ान सुबह 10:15 बजे पहुंची है। इसके अलावा छह अन्य यात्रियों को भी आइसोलेट किया गया है। युवती का स्क्रीनिंग के दौरान बॉडी टेंपरेचर अधिक पाया गया।

बताया जा रहा है कि सुबह एयर इंडिया की फ्लाइट दिल्ली से भोपाल आई थी और भोपाल से जाना था पुणे । जैसे ही यात्री में कोरोना वायरस की खबर लगी वैसे ही राजा भोज एयरपोर्ट पर एयर इंडिया की फ्लाइट को रोका गया ।बताया जा रहा है कि यात्री दिल्ली से आज सुबह भोपाला आया है। भोपाल एयरपोर्ट पर चेकअप के दौरान यात्री में कोरोना सस्पेक्ट पाया गाया है। फिलहाल यात्री एयरपोर्ट पर डॉक्टरों की टीम के साथ बैठा है।उड़ान भरने से पहले फ्लाइट को राजा भोज एयरपोर्ट पर रोका गया है। फ्लाइट में सैनिटाइजर होने के बाद हीउ उडान भरने दिया जाएगा।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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