कांग्रेसियों पर मामला दर्ज़ करने पर भड़के तन्खा, बोले- प्रजातंत्र की हत्या ना करें

senior-congress-leader-vivek-tankha-wrote-letter-to-cm-kamalnath

होशंगाबाद।

मध्यप्रदेश के होशंगाबाद जिले में अपने घर पर सीएम का पुतला फूंकना के विरोध में पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर मामला दर्ज किया है, जिस पर कांग्रेस के दिग्गज नेता और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने सवाल उठाए है। तन्खा ने ट्वीट कर कहा कि किसी का अपने घर में पुतला फूलना कौनसा IPC अपराध है। तन्खा ने कहा कि प्रजातंत्र की हत्या मत करिए। क्या अब घर पे व्यक्तिगत सोच पर भी प्रतिबंध लगा रहे है। ⁦

रविवार को ट्वीट करते हुए तन्खा ने मध्यप्रदेश सरकार एवं प्रशासन पर निशाना साधा है। ट्वीट करते हुए तन्खा ने कहा है कि यह कार्यवाही कोई अनभिज्ञ police ही कर सकती। MP DGP ⁦जो अनुभवी अफ़सर है। होशंगाबाद SP से पूछे,की CM या किसी का अपने घर में पुतला फूलना कौनसा IPC अपराध है। प्रजातंत्र की हत्या मत करिए। क्या आप घर पे बात चीत और व्यक्तिगत सोच पर भी प्रतिबंध लगा रहे है।

दरअसल गुरूवार को तीन कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा अपने घरों में सीएम का पुतला फुकने पर कार्यवाही की गयी है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए एसआई के लाइन अटैच के विरोध में सीएम का पुतला फुका था। जिसके बाद भाजपा नेता सागर शिवहरे ने कोतवाली में लिखित शिकायत दर्ज करवाई थी। जिसके ध्यान में रखते हुए इन तीनों कार्यकर्ता पर प्रकरण दर्ज की गयी थी। जिसकी जानकारी कांग्रेस वरिष्ठ आलाकमान तक पहुंची। और अब कांग्रेसी नेताओं ने इसपर बीजेपी को बांधना शुरू कर दिया है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews