खरीद-फरोख्त से बनी सरकार को सबक सिखाया जाए : हर्ष यादव

खरीद-फरोख्त से बनी सरकार को सबक सिखाया जाए : हर्ष यादव

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में कोरोना (Corona) संकट के बीच 27 सीटों पर होने वाले उपचुनाव (By-election) को लेकर प्रदेश की सियासत गरमाई हुई है। 27 सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए सभी दलों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कांग्रेस ने उपचुनाव को लेकर विधानसभा के प्रभारियों की अहम बैठक बुलाई, बैठक में पूर्व मंत्री हर्ष यादव (Former Minister Harsh Yadav) भी शामिल होने पहुंचे। हर्ष यादव बड़ा मलहरा विधानसभा सीट के चुनाव के प्रभारी भी है।

मीडिया से बात करते हुए पूर्व मंत्री हर्ष यादव ने कहा है कि, ‘ये उपचुनाव 15 साल की बीजेपी और 15 महीने की कांग्रेस की सरकार के बीच होना है। मध्यप्रदेश की जनता खरीद-फरोख्त से बनाई गई सरकार को पसंद नहीं कर रही है। और जब चुनाव की तारीख आएगी, तो भाजपा को जनता इसका सबक सिखाएगी।

पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक हर्ष यादव ने कहा कि, ’27 सीटों पर उपचुनाव होना है और ये उपचुनाव बहुत ही महत्वपूर्ण है। पूरे प्रदेश और देश की आवाम चाहती है की खरीद-फरोख्त से बनी सरकार को सबक सिखाया जाए। हर्ष यादव का कहना है कि जनता तैयार बैठी है। जिस दिन चुनाव का शंखनाद होगा कमलनाथ के 15 महीने और बीजेपी के 15 साल के कामकाज को लेकर चुनाव होगा और चुनाव परिणाम आने पर हकीकत पता चल जाएगी।

हर्ष यादव का कहना है कि, चुनाव में संगठन की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। कमलनाथ का अनुभव है कि, जब कार्यकर्ता सक्रिय रहेगा और मेहनत करेगा, तभी पार्टी उपचुनाव जीत पाएगी। वहीं बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा है कि ‘पूरे देश में बीजेपी छल कपट से चुनाव जीतना चाहती है।

हर्ष यादव के गृह जिले सागर की सुरखी विधानसभा सीट पर उपचुनाव होना है, वहां के हालात पर उन्होंने कहा कि, ‘भाजपा के छल कपट का चेहरा सबके सामने आ गया है। जनता सब कुछ जानती है, बोलती नहीं है। उन्होंने कहा सुरखी और बड़ा मलहरा की जनता बिकाऊ लोगों को स्वीकार नहीं करेगी’।

उन्होंने कहा, कौन जीतेगा और कौन हारेगा, ये तो उपचुनाव के बाद EVM की पोटली खुलने के दिन तय हो जाएगा। लेकिन खास बात ये है कि, प्रदेश में कोरोना कहर के बीच उपचुनाव को लेकर सियासत गरमाई हुई है। जहां बीजेपी एक ओर सभी सीटों पर अपने विकास कार्यों के चलते जीत का दावा ठोक रही है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस 15 महीने के कार्यकाल और बीजेपी पर लगातार आरोप लगाते हुए उपचुनाव जीतने की बात कह रही है।

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