ऐतिहासिक मोती मस्जिद के गुंबद से कलश चोरी करने वाला आरोपी बिहार से गिरफ्तार

ऐतिहासिक मोती मस्जिद के गुंबद से कलश चोरी करने वाला आरोपी बिहार से गिरफ्तार

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। डेढ़ सौ साल से ज्यादा पुरानी ऐतिहासिक मोती मस्जिद (Moti Masjid)  के गुंबद पर लगा कलश चोरी करने वाले आरोपी को पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। चोरी की घटना के बाद से ही भोपाल के दो थानों और क्राइम ब्रांच की पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी।

गौरतलब है कि पिछले दिनों 5 और 6 अक्टूबर की दरमियानी रात किसी ने 160 साल पुरानी मोती मस्जिद (Historic Moti Masjid Bhopal ) के गुंबद पर लगा कलश चोरी कर लिया। घटना की जानकारी सुबह उस समय हुई जब चौकीदार की नजर गुंबद पर पड़ी, चौकीदार ने मस्जिद कमेटी को इसकी जानकारी दी। मस्जिद कमेटी के सदस्यों ने देखा तो मस्जिद के तीन गुंबदों पर लगे कलश में से एक गायब था।

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चोरी की जानकारी मिलते ही मस्जिद कमेटी ने इसकी शिकायत तलैया थाने में की। ऐतिहासिक मोती मस्जिद में चोरी की घटना से पुलिस एक्शन में आई।  तलैया थाने के अलावा, कोतवाली थाने और क्राइम ब्रांच को भी इसमें लगाया गया। गुंबद से कलश की चोरी (Kalash stolen from dome of Moti Masjid) पर पुलिस को इसमें एक से ज्यादा लोगों के शामिल होने का शक हुआ। क्योंकि चोरी गया कलश 7 फीट लंबा है और काफी वजनी भी है।

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पुलिस ने छानबीन शुरू की तो कलश नाले में मिला लेकिन आरोपियों का कुछ पता नहीं लगा। पुलिस को सभी बिंदुओं पर जाँच करते हुए सूचना मिली कि घटना का मुख्य आरोपी अंजार बिहार में है। पुलिस वहां पहुंची और उसे गिरफ्तार कर ले आई। शुरूआती पूछताछ में उसने बताया कि लोगों से सुना था कि कलश सोने का है इसलिए चोरी की थी। पुलिस आरोपी अंजार से पूछताछ कर रही है उसके खिलाफ पहले भी चोरी के अपराध दर्ज हैं।

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Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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