‘निसर्ग’ का MP पर भी होगा असर, कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

‘निसर्ग’ का MP पर भी होगा असर, कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

भोपाल।

कोरोना वायरस की महामारी के बीच अरब सागर में बने चक्रवाती तूफान निसर्ग (Maharashtra Cyclone Nisarga) की आज बुधवार एक से तीन बजे के बीच मुंबई के नजदीक अलीबाग (रायगढ़) के दक्षिण में पार करने की संभावना है ऐसे में इसका असर मध्यप्रदेश में भी देखने को मिल सकता है।मौसम विभाग की माने तो प्रदेश के 15 से ज्यादा जिलों में भारी बारिश होने हो सकती है। विभाग ने बुधवार-गुरुवार को अधिकांश स्थानों पर तेज हवा के साथ भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। इसको लेकर मुख्यमंत्री शिवराज ने भी जनता सतर्क रहने की अपील की है।

मौसम विभाग की माने तो अरब सागर में बना “निसर्ग” तूफान उत्तर दिशा की तरफ बढ़ रहा है। इसका प्रभाव सोमवार रात से ही मप्र में दिखने लगा है। मंगलवार को बादल छाए रहे। इससे अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। कई स्थानों पर बारिश भी हुई। बुधवार को राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में हल्की बूंदाबांदी से लेकर 10 मिमी तक बारिश हो सकती है। गुरुवार को ज्यादा बारिश की संभावना है। शुक्रवार तक चक्रवात का असर कमजोर होने लगेगा, इसलिए बारिश भी कम होने की उम्मीद है। विभाग ने बुधवार-गुरुवार को अधिकांश स्थानों पर तेज हवा के साथ भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है।

शिवराज बोले-सतर्क रहे, सुरक्षित रहे
भारत के पश्चिमी क्षेत्रों के साथ देश के कुछ अन्य भागों में कल चक्रवात ‘निसर्ग’ के आने की आशंका है। आप सब जागरुक रहें, सतर्क रहें। अपना और अपनों का हरसंभव ध्यान रखें। सभी सुरक्षित रहें, ईश्वर से यही प्रार्थना! #NisargaCyclone

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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