यहां नेहरू परिवार नहीं है, सब अपनी मेहनत से आगे बढ़ते हैं- विश्वास सारंग

यहां नेहरू परिवार नहीं है, सब अपनी मेहनत से आगे बढ़ते हैं- विश्वास सारंग

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। एमपी में उपचुनावों को लेकर भाजपा की तैयारियां जोरों पर है। अब सोमवार को सांची में स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी के लिए महाराज ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ओर शिवराज सिंह (Shivraj Singh) के बेटे चुनावी सभा करने जा रहे हैं, जिसको लेकर कांग्रेस द्वारा चुटकी ली जा रही है, जिसपर कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग (Vishwas Sarang) ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) में परिवारवाद (Familyism) नहीं है,  किसी भी नेता का बेटा अपने स्वयं की क्षमता से आगे बढ़ता है तो उसमें कोई बुराई नही है। हमारे यहां कोई नेहरू परिवार नही है कि नेहरू जी के बाद इंदिरा जी फिर राजीव जी, सोनिया जी, राहुल जी और अब प्रियंका जी। हमारे यहां परिवारवाद को लेकर राजनीति नहीं की जाती है।

कांग्रेस पर आरोप लगातें हुए सारंग ने कहा कि कांग्रेस को हर मुद्दे पर राजनीति करने की पड़ गई है। पिछले 15 महीने आपने तो किसी भी किसान के आंसू तक पूछने की कोशिश नहीं की। कांग्रेस के समय फसल बीमा की राशि जो लगाई जानी थी वो राशि आइफा अवॉर्ड के लिए कमलनाथ लगाने वाले थे। पैसा जो किसान के हित में खर्च होना था उसे पैसे को सरकार के मंत्री अपना बंगला बनाने में लगा रहे थे।

रविवार को एक बार फिर कोरोना (Corona) अपनी पूरी रफ्तार में नजर आया शहर में अलग-अलग हिस्सों से रविवार को 274 नए मामले सामने आए हैं। बढ़ते संक्रमण से जहां विपक्ष सरकार पर हमलावर हो रहा है वहीं सत्तापक्ष लोगों से वैक्सीन नहीं आने तक सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने की अपील कर रहा है। प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने बढ़तेकोरोना संक्रमण को लेकर कहा की मैंने पहले भी कहा है कि कोरोना संक्रमण पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ रहा है,  इसीलिए सरकार लोगों से लगातार यह अपील कर रही है कि जब तक वैक्सीन नही आता तब तक सोशल डिस्टेंसिंग तथा मास्क लगाकर ही अपनी हिफाज़त करे। कोरोना की दवाई और कोरोना का इलाज केवल और केवल संयम और अनुशासन ही है। सरकार अपनी जिम्मेदारी के साथ पूरी व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त कर रही है।

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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