इस कांग्रेस नेता ने प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने के लिये लिखा पत्र

इस कांग्रेस नेता ने प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने के लिये लिखा पत्र

भोपाल

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राज्यसभा सदस्य और अधिवक्ता विवेक तनखा ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर मध्यप्रदेश के वर्तनाम राजनीतिक हालात पर चिंता जताई है। उन्होने पत्र मेे लिखा है कि कोरोना महामारी के संकटकाल में भी सीएम शिवराज ने कैबिनेट का गठन नहीं किया है और अकेले ही सारे निर्णय ले रहे हैं। जबकि ऐसे विकट समय में मंत्रिमंडल गठन के साथ सभी के विचार विमर्श से निर्णय लिये जाने चाहिए।

विवेक तनखा ने अपने पत्र में लिखा है कि मध्यप्रदेस की साढ़े सात करोड़ जनता इस समय कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रही है लेकिन ऐसे समय में लॉकडाउन के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और मंत्रिमंडल का गठन भी नहीं किया गया जबकि ये कानूनन भी आवश्यक है। उन्होने लिखा है कि एकमात्र सीएम की सरकार यानी बिना मंत्रिमंडल के एक व्यक्ति की सरकार एक अकल्पनीय संवैधानिक व्यवस्था प्रतीत हो रही है और ऐसे अनिश्चय की स्शिति में मैं निवेदन करता हूं कि प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने पर विचार किया जाना चाहिए।

Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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