कोरोना काल में पहली से आठवीं तक के बच्चों को सरकार का यह तोहफा

कोरोना काल में पहली से आठवीं तक के बच्चों को सरकार का यह तोहफा

भोपाल| पहली से आठवीं के छात्रों को शिवराज सरकार (Shivraj Government) ने तोहफा दिया है| प्रदेश में इस सत्र में पहली से आठवीं तक परीक्षाएं नहीं ली जाएंगी। कोरोना (Corona) के खतरे को देखते हुए सरकार ने प्रायमरी (Primary) और मिडिल (Middle) में जनरल प्रमोशन देने का निर्णय ले लिया है। राज्य शिक्षा केन्द्र ने जनरल प्रमोशन देने सम्बंधित आदेश जारी कर दिए हैं| प्रत्येक विद्यार्थी की मार्कशीट तथा टीसी पर “कोरोना संक्रमण बचाव के कारण प्रोन्नत” की सील लगाई जायेगी|

दरअसल, कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए सरकार ने पहली से आठवीं तक के छात्रों को जनरल प्रमोशन देने का फैसला किया है| राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा जारी आदेश के मुताबिक प्रदेश के ऐसे अशासकीय/अनुदान प्राप्त विद्यालय जिनमे कक्षा पहली से आठवीं की वार्षिक परीक्षाएं 19 मार्च या उससे पूर्व संपन्न हो चुकी है, वे परीक्षा का परिणाम नियमानुसार करेंगे, लेकिन किसी भी विद्यार्थी को उसी कक्षा में रोका नहीं जाएगा| जिन स्कूलों में परीक्षाएं नहीं हुई, उनमे अध्यनरत विद्यार्थियों को शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा-16 के प्रावधान के अनुरूप मासिक, अर्धवार्षिक एवं आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर अगली क्लास में प्रोन्नत किया जाएगा|

प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में भी मासिक, अर्धवार्षिक एवं आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर अगली क्लास में प्रोन्नत किया जाएगा| वहीं प्रत्येक विद्यार्थी की मार्कशीट तथा टीसी पर “कोरोना संक्रमण बचाव के कारण प्रोन्नत” की सील लगाई जायेगी|

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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