शिवराज सरकार के इस कदम से पूरा होगा सिंधिया के पिता का सपना

शिवराज सरकार के इस कदम से पूरा होगा सिंधिया के पिता का सपना

भोपाल।
केन्द्र की मोदी सरकार (Modi government at the center) ने एक बार फिर एमपी(madhypradesh) को बड़ी सौगात दी है।केन्द्र सरकार ने मध्यप्रदेश, राजस्थान व उत्तरप्रदेश को जोड़ने वाले महत्वाकांक्षी चंबल प्रोग्रेस-वे को भारतमाला परियोजना में शामिल कर दिया है। इस प्रोजेक्ट के लिए केन्द्र सरकार ने 781 करोड़ रुपए भी मंजूर किए हैं।इस प्रोजेक्ट की शुरुआत मुख्ममंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वर्ष 2017 में भी की थी।खास बात ये है कि मोदी-शिवराज के इस कदम के बाद  राज्यसभा सिंधिया और बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के पिता स्वर्गीय माधवराव सिंधिया का भी सपना सच हो जाएगा। सिंधिया ने इसके लिए मोदी और शिवराज सरकार को बधाई भी दी है।

दरअसल,स्वर्गीय माधवराव सिंधिया का हमेशा से सपना था कि ग्वालियर-चंबल संभाग बड़ा औद्योगिक क्षेत्र बने। इसकी जानकारी खुद सिंधिया ने ट्वीट कर दी है। सिंधिया ने ट्वीट कर लिखा है कि केंद्रीय मंत्री, नितिन गडकरी जी के साथ चम्बल एक्सप्रेस वे के लिए हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह जी चौहान, केंद्रीय मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर जी के साथ सम्मिलित हुआ। मेरे पिता, स्वर्गीय माधवराव सिंधिया जी का हमेशा से यही सपना रहा है कि ग्वालियर-चंबल संभाग बड़ा औद्योगिक क्षेत्र बने । मुझे पूरा विश्वास है कि चंबल एक्सप्रेस वे के निर्माण के बाद उनका यह सपना ज़रूर पूरा होगा।सिंधिया ने इस दौरान चम्बल एक्सप्रेस-वे को भिण्ड-कोटा रेल्वे लाइन के साथ-साथ बनाने का सुझाव भी दिया।

बता दे कि इस प्रोजेक्ट की शुरुआत मुख्ममंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वर्ष 2017 में भी की थी। चंबल एक्सप्रेस-वे के बनने से प्रदेश के बीहड़ एवं पिछड़े क्षेत्र को औद्योगिक सेक्टर के रूप में विकसित किया जाएगा। एक्सप्रेस वे’ प्रदेश में 309 किलोमीटर लंबा होगा। यह श्योपुर, मुरैना एवं भिण्ड से होते हुए राजस्थान एवं उत्तरप्रदेश की सीमाओं को जोड़ेगा। यह मार्ग भिण्ड में गोल्डन क्वाड्रिलेट्रल (आगरा-कानपुर) मार्ग, मुरैना में नार्थ-साउथ कॉरीडोर एवं राजस्थान में दिल्ली मुम्बई कॉरीडोर से जोड़ा जायेगा। आवागमन का मार्ग सहज एवं सुविधाजनक होने से क्षेत्र को औद्योगिक निवेश प्राप्त होगा। राज्य शासन द्वारा आर्थिक/औद्योगिक विकास के लिए रक्षा उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण, भारी उद्योग, वेयर हाउसिंग, लॉजिस्टिक एवं ट्रांसपोर्ट उद्योग के रूप में विकसित किया जाएगा।

Gaurav Sharma
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