इस बार सूना रह गया शादी का सीजन, कारोबारियों को बड़ा नुकसान

इस बार सूना रह गया शादी का सीजन, कारोबारियों को बड़ा नुकसान

भोपाल। अमूमन लोग मार्च-अप्रैल और मई के महीने में शादियां करते हैं| यह वो समय होता है जब शादी के आयोजन पीक पर रहते हैं| लेकिन इस बार इस सीजन को कोरोना नामक दीमक लग गई है| जिस कारण शादी से जुड़े सभी काम इस समय ठंडे बस्ते में पहुंच गए हैं|

बाजारों की चहल-पहल के साथ किराना, कपड़ा बाजार, सराफा, बर्तन बाजार सभी पर ताले लगे हुए हैं| वहीं हलवाई, डीजे, फूल डेकोरेशन, बैंड बाजा, टेंट हाउसेस, और शादी गार्डन वालों को जमा किया हुआ एडवांस भी लोगों को वापस करना पड़ रहा है| कुल मिलाकर इस बार यह सीजन बिल्कुल खाली जाने वाला है| जिस वजह से टेंट हाउस और इससे जुडे सभी व्यवसायों को काफी घाटा हो रहा है| टेंट कारोंबारियों की माने तो 25 मार्च से अभी तक प्रदेश में 100 करोड से ज्यादा का बिजनेस इफेक्टिड हुआ है|

प्रदेश में लगभग 25 हजार कारोबारी, टेंट कारोबार से जुडे हैं| इन लोगों का कहना है कि कोरोना के चलते पूरा सीजन लॉस में गया है|पूरे सीजन में पडने वाले लगभग 50 मुहुर्तों में से 25 से 30 मुहुर्त तो इन्ही महीनों में निकलते हैं पर लॉकडाउन के कारण इस बार एक भी शादी इन महीनों में नहीं हो पाएगी| इस वजह से लगभग 3 लाख से ज्यादा लोग प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हुए हैं|

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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