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धार में जहरीली शराब से मौत की खबर पर उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा, कार्रवाई की मांग

सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा है कि धार में भी जहरीली शराब से मौत की खबर सामने आ गई है। इसे लेकर कांग्रेस ने सरकार और आबकारी विभाग पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
Umang Singhar

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नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मध्यप्रदेश के धार जिले में जहरीली शराब से मौत की खबर को लेकर प्रदेश सरकार और आबकारी विभाग पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार और आबकारी विभाग के संरक्षण में प्रदेश में जहरीली शराब का कारोबार फलफूल रहा है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि सागर में 30 से अधिक मौतों के बाद अब धार जिले में भी जहरीली शराब से मौत की खबर सामने आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सागर और धार में लोगों की जान जाने के बावजूद सरकार की ओर से सिर्फ कार्रवाई की खानापूर्ति की गई।

उमंग सिंघार ने सरकार से किए सवाल 

उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से सवाल किया कि इतनी मौतों के बाद भी आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना, सहायक आबकारी आयुक्त संजीव दुबे और धार जिला आबकारी अधिकारी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों पर अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने मुख्यमंत्री से सरकार में जवाबदेही तय करने और आबकारी आयुक्त सहित सभी जिम्मेदार अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को मित्रता घर पर निभानी चाहिए और सरकार में जिम्मेदारी तय करनी चाहिए। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस किसी भी कीमत पर धार को दूसरा सागर नहीं बनने देगी।

कांग्रेस ने लगाया सागर की घटना के बाद भी सबक न लेने का आरोप

सागर में जहरीली शराब का मामला सामने आने के बाद मध्यप्रदेश में अवैध शराब की बिक्री और आबकारी विभाग की निगरानी को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। सागर जिले की बंडा तहसील में 6 सितंबर को जहरीली शराब से मौतों का मामला सामने आया था। बंडा क्षेत्र के घूघर, नौराज, बराज और आसपास के गांवों में शराब पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। शुरुआती घंटों में मौतों का आंकड़ा तेजी से बढ़ा और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू की।

इसके बाद प्रशासन और पुलिस ने प्रभावित इलाकों में कार्रवाई शुरू की। आबकारी विभाग के तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया, जबकि एक वरिष्ठ अधिकारी को मुख्यालय अटैच किया गया। बाद में मामले में एसडीएम को भी हटाया गया और शराब की सप्लाई से जुड़े लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।

उस मामले में मौतों का आंकड़ा अलग-अलग चरणों में सामने आया। 15 सितंबर को सरकारी तौर पर मृतकों की संख्या 16 बताई गई थी, जबकि स्थानीय लोगों की ओर से 30 से अधिक मौतों का दावा किया गया था। इसके बाद 23 सितंबर को मध्यप्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट में दाखिल स्थिति रिपोर्ट में बताया कि जहरीली शराब पीने से 20 लोगों की मौत हुई है, जबकि सात अन्य मौतों का कारण स्पष्ट नहीं था। घटना की गंभीरता को देखते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने न्यायिक जांच आयोग का गठन किया। सागर की घटना के बाद अब धार जिले में जहरीली शराब से मौत के आरोप को लेकर उमंग सिंघार ने सरकार पर हमला बोला है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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