आगाज़ 2021, जानिये क्या है दुनियाभर में नए साल के स्वागत की परंपरा

आगाज़ 2021, जानिये क्या है दुनियाभर में नए साल के स्वागत की परंपरा

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। साल 2021 (New Year 2021) ने दस्तक दे ही दी है। इस बार 2020 में कोरोना के कहर से सारी दुनिया प्रभावित रही। ऐसे में सभी को नए साल का इंतज़ार है और सभी ये दुआ कर रहे हैं कि ये साल सभी के लिए बेहतर हो, शुभ हो।

नए साल के आगाज़ पर दुनियाभर में जश्न मनाया जाता है। वहीं कई जगह कुछ ऐसी रस्मोरिवाज़ भी निभाए जाते हैं, जिन्हें जानकर आप हैरान रह जाएंगे। आईये जानते हैं ऐसी ही कुछ अनोखी बातें।

ब्राजील में नए साल का जश्न 31 दिसंबर को मनाया जाता है। इस रात लोग गहरे रंग के कपड़े पहनते हैं। इसके पीछे इनकी मान्यता है कि डार्क कलर से सालभर उनके साथ समृद्धि रहेगी। अपने जीवन में प्यार की कामना करने वाले लोग इस दिन लाल और गुलाबी रंग पहनते हैं।

एक्वाडोर में लोग पुरानी खराब यादों या घटनाओं को भुलाने के लिए और उनका असर मिटाने के लिए आधी रात को कागज़ का बिजूका बनाकर उसे जलाते हैं। इसी के साथ खराब यादों को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतीकात्मक रूप से उसकी तस्वीरें भी जलाते हैं।

फिलिपींस के निवासी नए साल का स्वागत सुख  समृद्धि और वैभव की कामना के साथ करते हैं। इस दिन वो सिर्फ गोल वस्तुओं का इस्तेमाल करते हैं क्योंकि गोल चीज़ों को सिक्कों का प्रतीकात्मक रूप भी माना जाता है।

स्विटजरलैंड जाने का ख्वाब हममे से कई लोग देखते हैं। तो जो लोग यहां रहते हैं वो क्या करते हैं नए साल में। नए साल के इस्तकबाल यहां के लोग आइसक्रीम खाकर करते हैं। सालों से यहां ये परंपरा चली आ रही है। इस परंपरा के मुताबिक नए साल की पहली रात को आइसक्रीम के टुकड़े को जमीन पर फेंका जाता है। मान्यता है कि आइसक्रीम जमीन पर फेंकने से उनके घर में समृद्धि आती है।

जापान में भगवान बुध्द का कितना प्रभाव है ये तो हम सभी जानते हैं। नए साल के स्वागत में वहां 108 बार घंटे को बजाया जाता है। आम तौर पर 31 दिसंबर की रात 12 बजे 12 बार घंटे को बजाकर नए साल का आगाज़ होता है। लेकिन यहां 108 बार घंटे की आवाज सुनाई देती है। मान्यता है कि इस पवित्र ध्वनि से सारी बुराईयों का अंत होता है।

कोलंबिया के लोगों का नए साल का आगाज़ करने का तरीका बहुत ही अनोखा है। ये इनकी ज़िंदादिली का प्रतीक भी है। यहां लोग 31 दिसंबर की रात को सूटकेस लेकर घूमते हैं। इसके पीछे ये मान्यता है कि ऐसा करने से वो पूरे साल घूम फिर कर बिताएंगे।

डेनमार्क में नया साल मनाने का तरीका अगर हम लोगों ने आज़मा लिया तो शायद हमारी अपने पड़ोसियों से लड़ाई हो जाए। वहां लोग नए साल को सेलिब्रेट करने के लिए अपने पड़ोसी के दरवाज़े पर पुरानी प्लेट्स और चश्मे तोड़ते हैं। इसके पीछे धारणा है कि क्राकरी टूटन की जितनी अधिक आवाज़ होगी, उतना ही नया साल खुशिया और समृद्धि लेकर आएगा।

ग्रीस में नया साल प्याज के साथ शुरू होता है। लोग यहां साल के पहले दिन अपने दरवाजे पर प्याज टांगते हैं। दरअसल, यहां के लोग प्याज को पुनर्जन्म का प्रतीक मानते हैं। इसीलिए अगले दिन सवेरे माता-पिता अपने बच्चों के सिर पर प्याज मारकर जगाते हैं।

चीन में नए साल पर लोगो का लाल रंग के प्रति प्रेम उभर आता है। लोग यहां नए साल पर लाल रंग के कपड़े पहनना पसंद करते हैं। इतना ही नहीं, कुछ लोग तो अपने घर के दरवाजों पर भी लाल रंग पोत देते हैं। लाल रंग के लिफाफे पर एक-दूसरे को पैसे रखकर दिए जाते हैं। माना जाता है कि इससे खुशियां और समृद्धि आती है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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