मध्यप्रदेश के स्कूलों में पढ़ाएं जाएंगे यातायात के नियम, अगले सत्र से छात्रों के पाठ्यक्रम में शामिल होगा ये विषय

स्कूल शिक्षा मंत्री ने इस बात की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बड़े होकर सिखाने से बेहतर है बचपन से ही अच्छी बातें सिखाना। इसीलिए अब स्कूल के सिलेबस में ट्रैफिक नियमों के बारे में पढ़ाया जाएगा। इससे बच्चों को इनके महत्व के बारे में समझ आएगा और वो बचपन से ही इनके पालन की अहमियत समझेंगे। 
MP School Education Minister Uday Pratap Singh

Uday Pratap Singh

Traffic rules to be taught to students in MP : मध्य प्रदेश के स्कूलों में अब छात्र ट्रैफिक नियमों के बारे में पढ़ेंगे। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने मंगलवार को इस बात की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों को छोटी कक्षाओं से ही यातायात के नियमों की शिक्षा दी जाएगी, ताकि वे बचपन से ही इन नियमों को और उनका पालन करने के महत्व को समझ सकें। 2025-26 सत्र से इस विषय को सिलेबस में शामिल किया जाएगा।

स्कूलों में बच्चों को यातायात के नियम पढ़ाना एक अच्छी पहल है क्योंकि इसे बच्चों में जागरूकता बढ़ेगी। वे सड़क पर जरूरी नियमों का पालन करना सीखेंगे, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी। यह बच्चों में सामाजिक जिम्मेदारी और अनुशासन की भावना भी पैदा करेगा। साथ ही, यह नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों के तहत बच्चों में बचपन से ही नैतिक शिक्षा का प्रसार भी करेगा।

नए सत्र में बच्चों को स्कूल में पढ़ाए जाएंगे यातायात के नियम

स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह सिंह ने बताया कि नई शिक्षा नीति में यह पहल शामिल की गई है। स्कूल शिक्षा विभाग इस दिशा में पाठयक्रम में बदलाव कर रहा है और अगले सत्र से छात्रों को स्कूलों में यातायात के नियम पढ़ाए जाएंगे। उन्होंने कहा किछोटी उम्र से ही सिखाने का बालमन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसीलिए यातायात के नियमों का पालन कैसे किया जाता है और उनका उल्लंघन क्यों नहीं करना चाहिए, यह सब बच्चों को सिखाना आवश्यक है ताकि वे बचपन से ही इनका महत्व समझ सकें।

उदय प्रताप सिंह ने कहा कि ‘बहुत सी चीजें ऐसी हैं जो अगर बच्चों को शुरु से बताई जाएं तो वे बिना किसी प्रयास या दबाव के उन्हें सीख जाते हैं। जैसे संस्कृति का ज्ञान है। ऐसे ही सड़क परिवहन के नियम, यातायात नियमों को अगर शैक्षणिक व्यवस्था में शामिल करेंगे तो वे आसानी से उन बातों को ग्रहण करते हैं। बड़े होकर चीजें सिखाने से बेहतर है कि बचपन से छोटे छोटे पाठ्यक्रम के माध्यम से उनको इसका ज्ञान कराया जाए। आगामी समय में यही हमारी प्राथमिकता है। नई शिक्षा नीति भी यही कहती है कि जीवन उपयोगी चीजों को पाठ्यक्रम में सम्मिलित किया जाए।’

सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल

यह कदम कई मायने में महत्वपूर्ण साबित होगा। बच्चों को छोटी उम्र से यातायात नियमों के बारे में शिक्षा मिलने से वे सड़क पर सुरक्षा नियमों का पालन करने का महत्व समझेंगे।  उन्हें सिखाया जाएगा कि सड़क पार करते समय, वाहन चलाते वक्त या पैदल चलते हुए किन आवश्यक नियमों का पालन करना चाहिए। जब बच्चे यातायात नियमों का पालन करेंगे तो वे अपने साथ-साथ अन्य लोगों की सुरक्षा का भी ध्यान रखेंगे। इस तरह बच्चों का जिम्मेदार नागरिक के रूप में निर्माण होगा। जब बच्चे बचपन से यातायात नियमों के महत्व को समझेंगे, तो यह आदत बड़े होकर भी उनके जीवन में बनी रहेगी। यह समाज में दुर्घटनाओं को कम करने में मदद करने में बड़ी पहल साबित होगी। नियमों का पालन करने से बच्चों में अनुशासन की भावना उत्पन्न होती है, जो उन्हें न सिर्फ सड़क पर बल्कि जीवन के अन्य पहलुओं में भी मददगार साबित होगी।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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