AIIMS के 2 डॉक्टरों से मारपीट मामले में एक्शन, पुलिस आरक्षक लाइन अटैच

AIIMS के 2 डॉक्टरों से मारपीट मामले में एक्शन, पुलिस आरक्षक लाइन अटैच

भोपाल| कोरोना के खिलाफ अपनी ख़ास भूमिका निभाने वाले डॉक्टर्स और पुलिस आमने सामने है| एम्स के दो डॉक्टरों ने भोपाल पुलिस पर पिटाई करने का आरोप लगाया है। इनमें एक महिला भी है। डीआईजी इरशाद वली ने इस घटना की जांच के आदेश देते हुए एक पुलिस आरक्षक को लाइन हाजिर कर दिया है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

डॉक्टरों का कहना है कि वो इमरजेंसी ड्यूटी कर घर लौट रहे थे और इस दौरान पुलिसवालों ने उन्हें रोककर न सिर्फ बदसलूकी की बल्कि उन्हें लाठी से मारा, जिससे दोनों डाक्टरों को चोटें भी आई है। दोनों डॉक्टर एम्स से अपनी ड्यूटी कर लौट रहे थे, तभी एम्स के गेट नंबर एक के पास पुलिसवालों ने उन्हें रोका और पूछताछ शुरू कर दी। डाक्टरों का कहना है कि जब उनके द्वारा बताया गया कि वो एम्स में डाक्टर हैं और ड्यूटी से लौट रहे हैं तो पुलिस वालों ने कहा कि ये डाक्टर ही हैं जो कोरोना फैला रहे हैं। इनके द्वारा आईडी कार्ड दिखाने पर भी पुलिसवाले मानें नहीं और आरोप है कि लाठियों से दोनों डॉक्टरों को मारा भी गया।

इसके बाद पीड़ित डॉक्टरों ने पहले अपने वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की फिर डायल 100 पर भी शिकायत की है। इसी के साथ नाराज डॉक्टर्स ने एम्स डायरेक्ट को भी एक शिकायत पत्र सौपा है और दोषी पुलिस कर्मियों पर जांच और कार्रवाी की मांग की है।

कमलनाथ ने किया ट्वीट
मामले को लेकर पूर्व सीएम कमलनाथ ने भी ट्वीट कर घटना को शर्मनाक बताया| उन्होंने लिखा-“भोपाल एम्स के दो पीजी डॉक्टर्स , जिनमे एक महिला डॉक्टर है, की पुलिसकर्मियों द्वारा पिटाई की घटना सामने आयी है, जो कि बेहद शर्मनाक है। कोरोना महामारी के संकट के इस दौर में अपनी जान जोखिम में डाल जनता की सेवा कर रहे इन कर्मवीर योद्धाओं पर हमें गर्व है, सरकार यह सुनिश्चित करे कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृति ना हो, इसको लेकर प्रदेश में निर्देश जारी करे”।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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