कांग्रेस में घमासान, दो गुट आपस में भिड़े, BJP विधायक रामेश्वर शर्मा का तंज, लगता है कि अभी थोड़ी सी कांग्रेस जिंदा है

प्रदेश में चर्चा हो रही है कि ये कैसा संगठन सृजन अभियान है जिसमें नेताओं और कार्यकर्ताओं आपस में ही एकता नहीं है, राहुल गांधी ने भोपाल आकर मजबूती के साथ एकजुट रहने का सन्देश दिया था लेकिन यहाँ तो गुटबाजी हावी है । 
Rameshwar Sharma BJP

Digvijaya Singh Indore Visit

संगठन को ताकतवर बनाने और 2028 में सत्ता में वापस लौटने के लिए प्रयास कर रही मध्य प्रदेश कांग्रेस इन दिनों प्रदेश में संगठन सृजन अभियान चला रही है लेकिन लगातार ऐसी घटनाएँ सामने आ रही हैं कि भाजपा इसपर तंज कस रही है और इसे कांग्रेस विसर्जन अभियान कह रही है, एक बार फिर बैठक में हंगामे की खबर आई है जिसपर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने तंज कसा है।

गुटबाजी खत्म होने का दावा करने वाले कांग्रेस के बड़े नेताओं की बातों में कितनी सच्चाई है ये राजधानी भोपाल से सामने आई दो घटनाओं ने बता दिया है, पिछले मंगलवार को एक निजी होटल में संगठन सृजन अभियान के तहत चल रही भोपाल मध्य विधानसभा की बैठक में कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और कांग्रेस नेता साजिद अली के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए, कुछ देर में ही यहाँ हंगामा और मारपीट शुरू हो गई।

चार दिन में दो बैठकों में कांग्रेस कार्यकर्ता भिड़े 

इस घटना की चर्चा थमी नहीं थी कि अब नरेला विधानसभा की बैठक में फिर हंगामा हो गया यहाँ भी नेताओं के दो गुट आपस में भिड़ गए , इनके बीच मारपीट शुरू हो गई कुछ देर बाद नेताओं के बीचबचाव और समझाइश पर मामला शांत हुआ, भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने इस घटना पर तंज कसा है।

लगता है भी थोड़ी कांग्रेस अभी जिन्दा है

विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा जब कांग्रेस की बैठक शांति से हो जाती है तो लगता है कांग्रेस खत्म होगी लेकिन लेकिन जब बैठक में नेताओं के कपडे फटते हैं जूतम पैजार होती है तो लगता है उनके अन्दर अभी थोड़ी कांग्रेस जिन्दा है इससे कांग्रेस का चरित्र दिखाई देता है।

राहुल गांधी और जीतू पटवारी को कहा महापुरुष 

रामेश्वर शर्मा ने चुटकी लेते हुए राहुल गांधी और जीतू पटवारी से कहा कि आप सृजन करो या विसर्जन, कांग्रेस की दुर्गति थी, है और रहने वाली है आप दो महापुरुषों से ये कांग्रेस सुधरने वाली नहीं है ये आपको ही सुधारकर ठिकाने लगा देगी , उन्होंने कहा कांग्रेस में जो कुछ चल रहा है उसके लिए मैं बधाई देता हूँ वे इसी तरह अभ्यास करते रहें उनके काम आयेगा।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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