क्या उमा भारती ने परिवार के बहाने पार्टी पर साधा निशाना! कहा ‘मेरे बीजेपी में होने का नुकसान परिवार ने झेला’

बीजेपी नेता ने कहा कि मेरे भाइयों की संतान मेरी छवि की चिंता के कारण स्वयं जितनी योग्यता रखते थे उतनी तरक्की नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि भाजपा अगर मुझे चुनाव न लड़ाती तो मेरे परिवार के भाई या भतीजे बहुत पहले सांसद या विधायक बन गए होते। इसी के साथ उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों और पारिवारिक स्थितियों का जिक्र भी किया।
Uma Bharti

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मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी की फायरब्रांड नेता उमा भारती अपनी बेबाकी के लिए ख्यात हैं। कई बार वे अपनी ही पार्टीलाइन के खिलाफ खड़ी नज़र आई हैं। चाहे मामला शराबबंदी का हो, गोवंश का या फिर अवैध उत्खनन का…कई ऐसे मौके आए जब उन्होंने अपनी ही पार्टी की सरकार और मुख्यमंत्री तक को आड़े हाथों लिया। लेकिन मुद्दों पर आधारित विरोध के अलावा भी क्या उमा भारती के मन में भारतीय जनता पार्टी के प्रति कोई नाराज़गी है ? क्या उमा को अपनी ही पार्टी से शिकायतें हैं ?

पार्टी द्वारा अनदेखी, उपेक्षा और दूसरे दलों से आए लोगों को ज्यादा तरजीह देने का आरोप को बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता लगा चुके हैं। लेकिन उमा भारती ने मंगलवार को एक भावुक ट्वीट करते न सिर्फ अपने पारिवारिक संघर्षों का ज़िक्र किया, बल्कि अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा पर भी हमला बोला है। उन्होंने लिखा कि ‘मेरे परिवार ने मेरी राजनीति के कारण बहुत कष्ट उठाया है। शायद ही मध्य प्रदेश भाजपा के बड़े पदों पर बैठे नेताओं के परिवार ने इतने कष्ट उठाए हों’।

उमा भारती के ट्वीट का क्या है अर्थ

उमा भारती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी पीड़ा ज़ाहिर की है। ट्वीट करते हुए उन्होंने लिखा है कि ‘भाजपा अगर मुझे चुनाव न लड़ाती तो मेरे परिवार के भाई या भतीजे सांसद या विधायक बहुत पहले बन गए होते। मेरे एक भाई के बेटे राहुल को टिकट देना परिवार पर कोई एहसान नहीं था पार्टी की मजबूरी थी।’ उन्होंने कहा कि सरकार चाहे कांग्रेस की रही हो या भाजपा की..उनकी वजह से उनके परिवार को खूब प्रताड़ित किया गया। लूट, डकैती जैसे झूठे आरोप लगे और कोर्ट में हमेशा वह पूरी तरह से निर्दोष साबित हुए। उन्होंने अटल जी, आडवाणी जी, राजमाता जी और संघ के वरिष्ठतम स्वयंसेवकों के साथ अपने संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा अगर मुझे चुनाव न लड़ाती तो मेरे परिवार के भाई या भतीजे सांसद या विधायक बहुत पहले बन गए होते।

पारिवारिक स्थितियों के बारे में लिखा

भाजपा की वरिष्ठ नेता ने अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों का भी उल्लेख किया है। उन्होंने लिखा कि उनके ऊपर उनकी भतीजी और भतीजे की जिम्मेदारी आ गई थी लेकिन अब उन्होंने अपने तीसरे नंबर के भाई को बच्चों का दायित्व सौंप दिया है। उमा भारती ने ये भी लिखा है कि ‘मैं आत्मग्लानि और अपराध बोध से पीड़ित हूं किंतु उनके हित में यही जरूरी था कि उन्हें एक भरे पूरे परिवार का सानिध्य मिले।’ इस तरह भावनात्मक लहजे में उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों, संन्यासपूर्व जीवन और परिवार के बच्चों नित्या और नील के प्रति आत्मग्लानि भी व्यक्त की है।

https://twitter.com/umasribharti/status/1945428371900698773

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Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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